हनुमानगढ़। सेक्रेड हार्ट विद्यालय में हिंदू नव वर्ष (चैत्र मास के प्रथम दिवस) के अवसर पर गुरुवार को विशेष हवन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय में 12 मार्च से 19 मार्च तक संचालित कौशल शिक्षण कक्षाओं का भी औपचारिक समापन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए भारतीय संस्कृति, अनुशासन और आध्यात्मिकता के महत्व को समझा। विद्यालय परिसर में आयोजित हवन कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सामूहिक रूप से आहुति देकर नव संवत्सर का स्वागत किया। इस दौरान विद्यार्थियों को हवन की धार्मिक परंपरा के साथ-साथ उसकी वैज्ञानिक महत्ता के बारे में भी जानकारी दी गई। हवन के माध्यम से वातावरण की शुद्धता, सकारात्मक ऊर्जा तथा सामूहिक प्रार्थना की भावना को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान कक्षा पांच के विद्यार्थियों ने बोर्ड परीक्षा के पश्चात आयोजित कौशल शिक्षण कक्षाओं के अपने अनुभव भी साझा किए। विद्यार्थियों ने बताया कि इन कक्षाओं के माध्यम से उन्हें केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक जीवन से जुड़ी अनेक गतिविधियों को सीखने का अवसर मिला। इन गतिविधियों में संगीत, कला, योग अभ्यास, शतरंज तथा विभिन्न स्थानीय कार्यालयों का शैक्षणिक भ्रमण शामिल था। विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इन गतिविधियों ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया और उन्हें टीम भावना, रचनात्मकता तथा एकाग्रता का महत्व समझने में मदद की।

योग और ध्यान अभ्यास से उन्हें मानसिक शांति और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश मिला, वहीं शतरंज जैसी बौद्धिक गतिविधियों से उनकी सोचने-समझने की क्षमता में वृद्धि हुई। नव संवत्सर के अवसर पर विद्यार्थियों ने प्रभु भजन भी प्रस्तुत किए, जिससे कार्यक्रम का वातावरण भक्तिमय और प्रेरणादायी बन गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और भारतीय परंपराओं के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मौन और ध्यान की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के तेज़ी से बदलते जीवन में मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए ध्यान और आत्मचिंतन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से कुछ समय ध्यान और मौन साधना के लिए निकालने की प्रेरणा दी। प्रधानाध्यापिका ने विद्यार्थियों को अनुशासित जीवनशैली अपनाने, समय का सदुपयोग करने और शिक्षकों के मार्गदर्शन में निरंतर आगे बढ़ने का संदेश भी दिया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने नए वर्ष के अवसर पर अनुशासित दिनचर्या अपनाने, सकारात्मक सोच बनाए रखने और शिक्षकों के निर्देशों का पालन करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के शिक्षकों और स्टाफ का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने सभी को नव संवत्सर की शुभकामनाएं देते हुए नए वर्ष को ज्ञान, संस्कार और प्रगति का वर्ष बनाने का संदेश दिया।
