– बिजली की कमी नहीं, ओवरलोड फीडरों और तकनीकी बाधाओं के कारण लग रहे कट; 23 फॉल्ट रिपेयर टीमें मैदान में सक्रिय
हनुमानगढ़। जिले में मानसूनी बारिश नहीं होने और लगातार बनी उमसभरी गर्मी ने बिजली की मांग को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया है। घरों में एसी और कूलर के बढ़ते उपयोग तथा कृषि क्षेत्र में बढ़े लोड के कारण जिले की दैनिक बिजली खपत करीब 98 लाख यूनिट तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा दो वर्ष पहले दर्ज करीब 93 लाख यूनिट प्रतिदिन की खपत से लगभग पांच लाख यूनिट अधिक है। हालांकि डिस्कॉम के पास बिजली की कोई कमी नहीं है, लेकिन बढ़ते लोड के कारण सूरतगढ़ थर्मल से जुड़े कुछ फीडर ओवरलोड हो रहे हैं। इसका असर कृषि फीडरों और ग्रामीण क्षेत्रों के 33 केवी फीडरों पर पड़ रहा है, जहां दिन में करीब एक घंटे और रात में भी प्रत्येक फीडर पर लगभग एक घंटे का बिजली कट लगाया जा रहा है। डिस्कॉम अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष गांवों और ढाणियों में भी बड़ी संख्या में एसी का उपयोग शुरू होने से बिजली की मांग में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। विभाग ने इतनी तेजी से बढ़ने वाले लोड का पूर्वानुमान नहीं लगाया था। इसके चलते कई स्थानों पर केबल जलने जैसी तकनीकी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। इन परिस्थितियों के बावजूद बिजली व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विभाग की टीमें दिन-रात मैदान में जुटी हैं। अधीक्षण अभियंता रिछपाल सिंह चारण स्वयं अधिशाषी अभियंताओं और सहायक अभियंताओं के साथ रात के समय 132 केवी ग्रिड सब-स्टेशनों सहित विभिन्न जीएसएस पर बैठकर फीडरों की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं, ताकि किसी भी तकनीकी खराबी का तुरंत समाधान किया जा सके।

अधीक्षण अभियंता रिछपाल सिंह चारण ने बताया कि डिस्कॉम के पास पर्याप्त बिजली उपलब्ध है। वर्तमान में जो कट लग रहे हैं, वे बिजली की कमी के कारण नहीं बल्कि स्थानीय स्तर पर ओवरलोड और तकनीकी व्यवधानों की वजह से हैं। जहां आवश्यकता है, वहां जर्जर तारों और केबलों को बदला जा रहा है तथा सर्किल, डिवीजन और सहायक अभियंता स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए 23 फॉल्ट रिपेयर टीम (एफआरटी) जिले में सक्रिय हैं। कुछ डिवीजनों में दो-दो तथा अन्य में एक-एक एफआरटी तैनात की गई है। सभी टीमों को शिकायतों का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अधीक्षण अभियंता ने उपभोक्ताओं से अपील की कि तकनीकी कारणों से बिजली आपूर्ति बाधित होने पर धैर्य रखें। विभाग की टीमें लगातार काम कर रही हैं और उपभोक्ताओं को बेहतर एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
