हनुमानगढ़। जंक्शन स्थित एसके फाइनेंस कंपनी के कार्यालय के बाहर शुक्रवार को भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और सीटू के बैनर तले ग्राहकों ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लोन और ब्याज की पूरी राशि जमा करवाने के बावजूद कंपनी की ओर से ग्राहकों को समय पर मूल दस्तावेज और एनओसी उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है। धरने के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस जाप्ता तैनात रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कई ग्राहकों ने ब्याज सहित पूरा ऋण चुका दिया है, लेकिन इसके बाद भी वाहन संबंधी मूल दस्तावेज और एनओसी जारी करने में महीनों से देरी की जा रही है। माकपा नेता रामेश्वर वर्मा ने आरोप लगाया कि कंपनी की ओर से ग्राहकों से मनमर्जी का ब्याज वसूला जाता है और पूरा भुगतान होने के बाद भी एनओसी जारी नहीं की जाती। उनका कहना था कि यदि किसी ग्राहक पर थोड़ी राशि भी बकाया दिखाई जाती है तो खाता चालू रखकर ब्याज, पेनल्टी और अन्य खर्चे जोड़े जाते हैं। उन्होंने बताया कि करीब 20 दिन पहले भी कंपनी कार्यालय के सामने धरना दिया गया था।

उस समय कंपनी की ओर से एनओसी जारी करने और मामलों का सेटलमेंट करने का आश्वासन दिया गया था। प्रदर्शनकारियों के अनुसार एक मामले में एनओसी जारी की गई, जबकि चार मामले अब भी लंबित हैं। रामेश्वर वर्मा ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को जब फरियादी और माकपा कार्यकर्ता कंपनी शाखा पहुंचे तो वहां पहले से लोगों को एकत्रित किया गया था और विवाद की स्थिति बनी। उनका कहना था कि बाद में पुलिस भी मौके पर पहुंची। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जिन ग्राहकों के भुगतान के बावजूद एनओसी जारी नहीं हुई है, उन मामलों का समाधान होने तक धरना जारी रखा जाएगा। उन्होंने मांग की कि वित्तीय संस्थाएं कानून के अनुरूप ब्याज वसूल करें और निर्धारित प्रक्रिया के तहत भुगतान लेने के बाद समय पर एनओसी जारी करें। इस मौके पर रघुवीर वर्मा, शेर सिंह शाक्य सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।
