हनुमानगढ़। गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने, देशभर में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने तथा गोवंश की सुरक्षा और संवर्धन के लिए केन्द्रीय कानून बनाने की मांग को लेकर सोमवार को गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत जिले के गोभक्तों, गोसेवकों और संत समाज ने जिला कलक्ट्रेट के समक्ष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम अतिरिक्त जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। कार्यक्रम का नेतृत्व दयानंद शास्त्री और स्वामी राघवानंद गिरी ने किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि गोवंश भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का अभिन्न अंग है। इसके संरक्षण, संवर्धन और सम्मान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी कानून बनाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल 2026 को देश की 5100 तहसीलों से सवा पांच करोड़ से अधिक हस्ताक्षरों के साथ गोसेवा, गो सुरक्षा और गो सम्मान को लेकर प्रधानमंत्री को प्रार्थना-पत्र भेजा गया था। अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण अभियान के तहत पुन: अनुस्मारक ज्ञापन सौंपा गया है। उन्होंने मांगें रखी कि पूरे देश में सम्पूर्ण देशी गोवंश की सेवा, सुरक्षा और राष्ट्रीय सम्मान सुनिश्चित करने के लिए केन्द्रीय कानून बनाया जाए, गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाए, गो पालन मंत्रालय का गठन किया जाए तथा गोवंश संरक्षण एवं प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक कार्ययोजना लागू की जाए। अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों ने बताया कि ज्ञापन के साथ गो संरक्षण संबंधी कार्ययोजना, कानूनी एवं शोध आधारित दस्तावेज, अभियान का विस्तृत विवरण तथा देशभर से प्राप्त हस्ताक्षरों का डिजिटल रिकॉर्ड भी संलग्न किया गया है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर हस्ताक्षरयुक्त मूल दस्तावेज भी सरकार को उपलब्ध कराए जाएंगे। देशव्यापी अभियान के तहत सोमवार को देश के 790 जिला मुख्यालयों पर संत समाज और गोभक्तों ने प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन एवं हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना-पत्र सौंपे। हनुमानगढ़ में भी बड़ी संख्या में गोभक्त, संत समाज के प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
