हनुमानगढ़। मां भद्रकाली क्षेत्र विकास सेवा समिति ने मंगलवार को जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर ग्राम कोहला स्थित संरक्षित वन क्षेत्र में 29 मई को लगी भीषण आग की उच्च स्तरीय जांच करवाने तथा आगामी वर्षा ऋतु में टाउन से भद्रकाली मंदिर जाने वाले मार्ग पर व्यापक पौधारोपण करवाने की मांग की है। समिति अध्यक्ष भगवान सिंह खुड़ी व विश्व हिन्दू परिषद के जिलाध्यक्ष डॉ. निशांत बतरा ने बताया कि 29 मई को कोहला संरक्षित वन क्षेत्र में लगी भीषण आग से सैकड़ों हेक्टेयर वन क्षेत्र जलकर नष्ट हो गया। आग में बड़ी संख्या में पेड़-पौधों के साथ-साथ खरगोशों सहित अनेक छोटे वन्य जीव, पक्षियों के अंडे और उनके बच्चे भी जल गए, जिससे क्षेत्र की जैव विविधता को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षांे से लगातार वृक्षारोपण वाले क्षेत्रों में इसी मौसम में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे मामले में संदेह उत्पन्न होता है। उन्होंने वन विभाग की ओर से वृक्षारोपण के नाम पर खर्च किए गए बजट और पौधारोपण कार्यांे की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की। समिति ने आग की घटना की सीबीआई अथवा राज्य स्तरीय एसआईटी से जांच, वित्तीय ऑडिट, एफआईआर दर्ज करने, दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा जले हुए क्षेत्र के वैज्ञानिक पुनर्वनीकरण की मांग उठाई। इसके साथ ही समिति ने आगामी वर्षा ऋतु में टाउन से मां भद्रकाली मंदिर तक जाने वाले लगभग 6 किलोमीटर लंबे मार्ग पर पौधारोपण करवाने की मांग भी की। समिति पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2022-23 में तत्कालीन जिला कलक्टर नथमल डिडेल के मार्गदर्शन में इस मार्ग पर नीम के पौधे लगाए गए थे, लेकिन बाद में उचित संरक्षण और विभागीय सहयोग के अभाव में अधिकांश पौधे नष्ट हो गए। समिति ने सड़क को अतिक्रमण मुक्त रखते हुए पुन: पौधारोपण करवाने और श्रद्धालुओं के लिए छायादार एवं आकर्षक मार्ग विकसित करने का आग्रह किया। समिति ने जिला प्रशासन से हरियालो राजस्थान अभियान की भावना के अनुरूप पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। इस मौके पर समिति सचिव सुरेन्द्र सिंह शेखावत, कोषाध्यक्ष मोहम्मद असलम सहित समिति के अन्य सदस्य एवं पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे।
