हनुमानगढ़। जिले में तम्बाकू उत्पादों की अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष निरीक्षण अभियान के तहत मंगलवार शाम को एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए बिना एमआरपी एवं वैधानिक स्वास्थ्य चेतावनी वाले बड़ी मात्रा में सिगरेट पैकेट जब्त किए गए। कार्रवाई के दौरान विभागीय टीम ने एक पान एवं जनरल स्टोर का निरीक्षण कर वहां रखे गए तम्बाकू उत्पादों की जांच की। सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि राज्य स्तर से मिले निर्देशों के तहत एफएसओ रफीक मोहम्मद एवं एफएसओ सुदेश कुमार गर्ग द्वारा रेलवे स्टेशन के पास चंदा एजेंसी पर जांच की गई, तो वहां विक्रय के लिए रखे गए सिगरेट के पैकेट संदिग्ध प्रतीत हुए। जांच करने पर पाया गया कि लगभग 510 सिगरेट पैकेटों पर न तो अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) अंकित था और न ही तम्बाकू उत्पादों पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाने वाली वैधानिक स्वास्थ्य चेतावनी मुद्रित थी। यह तम्बाकू उत्पादों के विक्रय एवं पैकेजिंग संबंधी नियमों का स्पष्ट उल्लंघन पाया गया। डॉ. शर्मा ने बताया कि बिना वैधानिक चेतावनी एवं एमआरपी के बेचे जा रहे तम्बाकू उत्पाद उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन करने के साथ-साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा हैं। ऐसे उत्पादों की बिक्री तम्बाकू नियंत्रण कानूनों एवं खाद्य सुरक्षा मानकों के विपरीत है। इसी कारण विभाग द्वारा मौके पर उपलब्ध समस्त सिगरेट पैकेटों को जब्त कर नियमानुसार कार्रवाई प्रारंभ की गई है। उन्होंने बताया कि जब्त किए गए उत्पादों की विस्तृत जांच की जाएगी तथा संबंधित विक्रेता के विरुद्ध प्रकरण तैयार कर सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। दोष सिद्ध होने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध जुर्माना एवं अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। डॉ. नवनीत शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में तंबाकू उत्पादों की अवैध बिक्री, बिना चेतावनी वाले उत्पादों के विक्रय तथा नियमों के उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। निरीक्षण दल द्वारा स्कूलों, सार्वजनिक स्थलों एवं बाजार क्षेत्रों के आसपास विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि युवाओं और आमजन को तंबाकू उत्पादों के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके। उन्होंने आमजन से अपील की है कि यदि किसी दुकान या प्रतिष्ठान पर बिना वैधानिक चेतावनी, बिना एमआरपी अथवा संदिग्ध तम्बाकू उत्पादों की बिक्री होती दिखाई दे तो इसकी सूचना विभाग को दें, ताकि समय पर कार्रवाई कर जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
