हनुमानगढ़। जल जीवन मिशन (जेजेएम) योजना के तहत संगरिया तहसील के गांव इन्द्रपुरा के चक 20 एमजेडी में बिना वास्तविक कनेक्शन दिए पोर्टल पर पानी कनेक्शन दर्शाने का मामला सामने आया है। बुधवार को ग्रामीण जिला कलक्ट्रेट पहुंचे और जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का लाभ धरातल पर लोगों तक नहीं पहुंच रहा, जबकि कागजों और पोर्टल पर कनेक्शन दिखाकर कार्य पूर्ण होने का दावा किया जा रहा है। इससे लोगों को अब भी दूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीण राजवीर माली ने बताया कि संगरिया तहसील के गांव इन्द्रपुरा के चक 20 एमजेडी में करीब 50 ढाणियां बनी हुई हैं। वास्तविक स्थिति यह है कि जल जीवन मिशन योजना के तहत पूरे चक में केवल दो-तीन घरों में ही पानी कनेक्शन किए गए हैं, जबकि रिकॉर्ड में 53 घरों में पानी कनेक्शन होना दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि धरातल पर अधिकांश ढाणियों तक पाइप लाइन तक नहीं पहुंची है। दो-तीन घरों को छोड़कर अन्य किसी परिवार को योजना का लाभ नहीं मिला। इसके बावजूद कागजों में कार्य पूर्ण दिखाया जा रहा है। राजवीर माली ने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, लेकिन चक 20 एमजेडी में यह योजना जमीन पर नजर नहीं आ रही। लोगों को आज भी नहरों से आने वाला दूषित पानी पीना पड़ रहा है। घरों तक पहुंचते-पहुंचते यह पानी और अधिक खराब हो जाता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे बने हुए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि ढाणियों में अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से संबंधित हैं और मजदूरी कर जीवनयापन करते हैं। कई परिवार प्रतिदिन 200 से 300 रुपए की दिहाड़ी पर निर्भर हैं। इन लोगों ने करीब तीन वर्ष पहले जल जीवन मिशन के तहत पानी कनेक्शन के लिए 2500 से 3000 रुपए तक जमा करवाए थे, लेकिन आज तक उन्हें कनेक्शन नहीं मिला। ग्रामीणों का कहना है कि कई परिवार ऐसे हैं जिनके घरों में पानी संग्रहण के लिए डिग्गी तक नहीं बनी हुई। वे मजबूरी में मटकों के जरिए इधर-उधर से पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्य पाइप लाइन भी करीब डेढ़ किलोमीटर दूर है, लेकिन ढाणियों में कनेक्शन दिखाकर बजट जारी कर लिया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चक में पाइप लाइन बिछाने के कार्य में भी अनियमितता हुई है। उनका दावा है कि करीब पांच किलोमीटर क्षेत्र में पाइप लाइन बिछाई जानी थी, लेकिन कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। ग्रामीणों ने इस कार्य में करीब 80 लाख रुपए की अनियमितता का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने दस दिन के भीतर मामले की जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की तो वे जिला कलक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन और सड़क जाम जैसे आंदोलनात्मक कदम उठाने को मजबूर होंगे।
क्या कहते हैं अधिकारी
वहीं, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एक्सईएन हेमंत ने बताया कि कनेक्शन नहीं होने के बावजूद जेजेएम पोर्टल पर इन्द्राज दर्शाने संबंधी शिकायत की जांच करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में गलत तरीके से कनेक्शन दर्ज करना सामने आता है तो संबंधित अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
