टिब्बी। क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुलचन्द्र के चक 602 RD (IGNP) के किसान पिछले एक दशक से सिंचाई पानी के गंभीर संकट से जूझ रहे हैं। वर्ष 2015-16 में मनरेगा योजना के तहत निर्मित खाला निर्माण के कुछ समय बाद ही जर्जर हो गया, जिसके कारण किसानों को तब से पर्याप्त सिंचाई जल नहीं मिल पा रहा है। किसानों का आरोप है कि बीते 10 वर्षों में वे कई बार संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर खाले को जर्जर घोषित करवाने और पुनर्निर्माण की मांग कर चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें आश्वासन देकर टाल दिया गया। प्रशासन की इस अनदेखी से किसानों में भारी रोष व्याप्त है। अब ग्रामीणों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। किसानों की मांग है कि 602 RD के खाले को तत्काल जर्जर घोषित कर मलबे की नीलामी कराई जाए और नए सिरे से इसका निर्माण किया जाए। उनका कहना है कि वर्तमान में IGNP खालों के निर्माण के लिए हनुमानगढ़ जिले को बजट आवंटित हुआ है, ऐसे में प्राथमिकता के आधार पर कुलचन्द्र के किसानों को इसका लाभ मिलना चाहिए। इसी मांग को लेकर 27 अप्रैल को कुलचन्द्र में किसान महापंचायत आयोजित की जाएगी। गुरुवार को हुई बैठक में महापंचायत की तैयारियों को लेकर पीले चावल देकर ग्रामीणों को आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया। इस महापंचायत में क्षेत्र के किसान एकजुट होकर आगे की रणनीति तय करेंगे। इस मुद्दे को उठाने वाले प्रमुख किसानों में मुकेश कुमार, मनोज कुमार, संदीप कुमार, अजय कुमार, सुरेंद्र कुमार, बनवारी लाल, इंद्रजीत, अभिमन्यु, चेतराम, ओमप्रकाश, सूरजभान, हंसराज और सरवन सिंह शामिल हैं, जिन्होंने शासन-प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है।
संवाददाता- प्रभु राम
