हनुमानगढ़। पैतृक कृषि भूमि के कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर हस्तांतरण कराने के मामले में रावतसर थाना पुलिस ने न्यायालय से प्राप्त इस्तगासे के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों में परिवादी के पिता, चाचा और भाई शामिल हैं। पुलिस के अनुसार हरियाणा के सिरसा जिले की नाथूसरी चौपटा तहसील के गांव दड़बा कलां निवासी 45 वर्षीय छोटूराम पुत्र धर्मपाल ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रावतसर न्यायालय में परिवाद पेश किया था। न्यायालय के आदेश पर मामला रावतसर पुलिस थाना को जांच के लिए भेजा गया। परिवाद में बताया गया कि तहसील रावतसर के चक लालपुरा स्थित कृषि भूमि उसके दादा मुखराम से विरासत में उसके पिता धर्मपाल के नाम आई थी। राजस्व रिकॉर्ड में उक्त भूमि का हिस्सा दर्ज था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसके पिता धर्मपाल ने 25 फरवरी 2026 को दस्तबरदारी के जरिए यह भूमि अपने भाई मदनलाल के नाम हस्तांतरित कर दी। छोटूराम ने आरोप लगाया कि उसके भाई सुरजीत और चाचा मदनलाल ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर उसके पिता पर दबाव बनाया और खाता तकसीम करवाने का बहाना बनाकर जमीन का हस्तांतरण करवा लिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त पैतृक भूमि में उसका भी हिस्सा बनता था और वह लंबे समय से उस भूमि से जुड़े अधिकारों का लाभ लेता रहा है। परिवाद के अनुसार जब उसे जमीन के हस्तांतरण की जानकारी मिली और उसने इस संबंध में परिवार से बातचीत की, तब आरोपियों ने कथित रूप से कहा कि जमीन मदनलाल के नाम करवा दी गई है और अब वह जो चाहे कर ले। न्यायालय से प्राप्त इस्तगासे के आधार पर रावतसर थाना पुलिस ने मदनलाल पुत्र मुखराम, धर्मपाल पुत्र मुखराम तथा सुरजीत पुत्र धर्मपाल निवासी दड़बा कलां, जिला सिरसा (हरियाणा) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच एएसआई जसवंत सिंह को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि भूमि हस्तांतरण से जुड़े दस्तावेजों, राजस्व अभिलेखों तथा अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
