हनुमानगढ़। रक्षाबंधन से एक दिन पहले चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने जिले की बेटियों को ऐसा उपहार दिया, जो उन्हें जीवनभर सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गुरुवार, 27 अगस्त को जिलेभर में आयोजित एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण विशेष अभियान के दौरान 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की 120 किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाई गई। इसके साथ ही जिले में अब तक एचपीवी वैक्सीनेशन करवाने वाली बच्चियों की संख्या 5 हजार 855 हो गई है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और सुरक्षा का पर्व है। इसी भावना के अनुरूप बेटियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव का सुरक्षा कवच प्रदान करना उनके बेहतर और स्वस्थ भविष्य की दिशा में एक अनमोल उपहार है। उन्होंने कहा कि एचपीवी टीकाकरण किशोरियों को भविष्य में सर्वाइकल कैंसर से बचाव प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

डॉ. शर्मा ने बताया कि गुरुवार को जिलेभर में सुव्यवस्थित तरीके से टीकाकरण सत्र आयोजित किए गए। प्रत्येक वैक्सीनेशन साइट पर कोल्ड चेन, एईएफआई किट, स्वच्छ वातावरण, अल्पाहार, पेयजल एवं बैठने सहित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। चिकित्सा अधिकारियों, नर्सिंग स्टाफ एवं स्वास्थ्यकर्मियों की टीमों ने पूरी तत्परता के साथ अभियान को सफल बनाया।

आरसीएचओ डॉ. सुनील विद्यार्थी ने बताया कि गुरुवार को खण्ड हनुमानगढ़ में सबसे अधिक 39 बच्चियों का एचपीवी वैक्सीनेशन किया गया। इसके अलावा भादरा में 5, नोहर में 18, पीलीबंगा में 18, रावतसर में 32, टिब्बी में 1 एवं संगरिया में 7 किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाई गई। रक्षाबंधन से एक दिन पूर्व हुआ यह टीकाकरण अभियान इस संदेश का प्रतीक बना कि बेटियों की सुरक्षा केवल एक दिन का संकल्प नहीं, बल्कि उनके स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य के लिए निरंतर प्रयास है।

