हनुमानगढ़। राजस्थान सरकार के आबकारी आयुक्त के निर्देश पर राज्यभर में अवैध शराब की तस्करी, भंडारण और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए 1 मई से 15 मई तक विशेष निरोधात्मक अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत अवैध शराब की शून्य उपलब्धता (जीरो टॉलरेंस) सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। अभियान के तहत टोल नाकों, संभावित मार्गां और अंतरराज्यीय सीमाओं पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस और प्रशासन के साथ समन्वय कर नाकाबंदी, रेड और गश्त बढ़ाई गई है। स्प्रिट टैंकरों की भी विशेष जांच की जा रही है, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता सामने न आए। जिला आबकारी अधिकारी संजीव पटावरी ने बताया कि विशेष आबकारी धावा अभियान के तहत शराब तस्करी और अवैध बिक्री के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि शराब दुकानों पर निर्धारित एमआरपी पर ही बिक्री हो, अमानक शराब न बिके और निर्धारित समय के बाद ठेके बंद रहें। उन्होंने बताया कि हनुमानगढ़ जिला अंतरराज्यीय तस्करी मार्ग का अहम बिंदु होने के कारण यहां विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

इसके लिए अलग-अलग टीमें गठित कर नाकाबंदी और जांच अभियान चलाया जा रहा है, ताकि बाहरी राज्यों से आने वाली अवैध शराब का परिवहन रोका जा सके। अभियान के दौरान अब तक सात अभियोग दर्ज किए गए हैं, जबकि दो शराब दुकानों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। एक बाइक व 22 लीटर हथकढ़ शराब जब्त कर अभियोग दर्ज किया गया। वहीं दो साधारण अभियोग दर्ज किए गए। होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट्स पर भी निगरानी रखी जा रही है तथा अवैध बिक्री की शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। आबकारी विभाग को जब्त अवैध शराब के निस्तारण और मालखाने के प्रबंधन के भी निर्देश दिए गए हैं, जिन पर इस माह कार्रवाई की जाएगी। संजीव पटावरी ने बताया कि राजस्व के मामले में हनुमानगढ़ जिला अभी पीछे है, हालांकि गारंटी पूर्ति में सुधार हुआ है। सभी आबकारी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे दुकानवार विश्लेषण कर जिले का राजस्व बढ़ाने की दिशा में कार्य करें। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। विभाग का उद्देश्य अवैध शराब पर पूरी तरह नियंत्रण स्थापित करना और आमजन को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।
