हनुमानगढ़/संगरिया। “प्रशासन गांव के द्वार” अभियान के तहत ग्राम पंचायत भवन, सिंहपुरा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में राजस्व एवं विभिन्न विभागों ने ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर राहत प्रदान की। शिविर में वर्षों से लंबित भूमि विवाद का आपसी सहमति से निस्तारण करते हुए 22 खाते पृथक किए गए, जिसे शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धि माना गया। शिविर में तहसीलदार मोनिका बंसल, विकास अधिकारी राजेश कुमार, नायब तहसीलदार, सहायक विकास अधिकारी, राजस्व गिरदावर (कानूनगो), पटवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों की शिकायतें सुनकर कई मामलों का तत्काल निस्तारण किया। राजस्व विभाग की ओर से पांच मामलों में सहमति से खाता विभाजन कर कुल 22 खाते पृथक किए गए। इसके अलावा राजस्व रिकॉर्ड में सुधार से जुड़े 18 दुरुस्ती प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से 12 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की गई, जबकि आठ जाति एवं मूल निवास प्रमाण-पत्र जारी किए गए। भूमि संबंधी दो नए विभाजन प्रस्ताव भी तैयार किए गए। पशुपालन विभाग ने भी शिविर में सक्रिय भागीदारी निभाई। मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत ग्राम सिंहपुरा (ग्राम पंचायत बगुलावाली) निवासी बलजीत कौर, पत्नी जगजीत सिंह, को उनकी बीमित बकरी की मृत्यु पर ₹4,000 की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई। इसके साथ ही पशुओं का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार, दवा वितरण, टीकाकरण एवं कृमिनाशन किया गया। पशुपालकों को भेड़, बकरी एवं गौवंश के वैज्ञानिक पालन-पोषण संबंधी तकनीकी सलाह भी दी गई। ग्रामीणों ने वर्षों से लंबित मामलों के त्वरित एवं पारदर्शी निस्तारण पर प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए इस पहल को जनहित में प्रभावी कदम बताया। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे शिविरों का उद्देश्य ग्रामीणों को सरकारी सेवाएं उनके गांव में ही उपलब्ध कराना तथा समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना है।
