हनुमानगढ़। राष्ट्रीय नाई महासभा की जिला कार्यकारिणी की बैठक गुरुवार को जंक्शन में जिलाध्यक्ष कृष्ण गहलोत की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में संगठन विस्तार, राजनीतिक भागीदारी और समाज के अधिकारों को लेकर चर्चा की गई। बैठक में राष्ट्रीय नाई महासभा राजस्थान के प्रधान महासचिव रोहिताश सैन मुख्य रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा संगठन के संरक्षक ओमप्रकाश जाखड़, गणेशीलाल गहलोत, उपाध्यक्ष सुनील कुमार सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। बैठक में संगठन को तहसील, गांव और ब्लॉक स्तर तक मजबूत करने की रणनीति बनाई गई। साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों और सरकार से सैन समाज को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की मांग उठाई गई। प्रधान महासचिव रोहिताश सैन ने कहा कि राष्ट्रीय नाई महासभा जमीनी स्तर पर समाज के शैक्षिक, सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान सामाजिक समरसता की बात तो की जाती है, लेकिन टिकट वितरण में सैन समाज की अनदेखी की जाती है। उन्होंने मांग की कि समाज के लोगों को उनकी योग्यता के अनुसार राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिया जाए। रोहिताश सैन ने मूल ओबीसी के लिए अलग आरक्षण व्यवस्था लागू करने तथा ओबीसी वर्ग का वर्गीकरण करने की भी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में सैन समाज को ओबीसी आरक्षण का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिलाध्यक्ष कृष्ण गहलोत ने कहा कि संगठित समाज ही अपनी मांगों को प्रभावी ढंग से सरकार तक पहुंचा सकता है। उन्होंने कहा कि अभी तक राजस्थान में कैश कला बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त नहीं किया गया है, जिससे समाज में निराशा है। बोर्ड में समाज का प्रतिनिधित्व मिलने पर उनकी समस्याओं को उचित मंच मिल सकेगा। उपाध्यक्ष सुनील कुमार ने कहा कि सैन समाज राजनीति, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में अभी भी पिछड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि ओबीसी वर्ग में प्रभावशाली लोगों के बढ़ते प्रभाव से सैन समाज की भागीदारी कम हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ने समाज के किशनाराम नाई को टिकट देकर तथा कैश कला बोर्ड बनाकर समाज को प्रतिनिधित्व दिया था। अन्य राजनीतिक दलों को भी समाज को उचित अवसर देने चाहिए। बैठक में समाज को गांव-ढाणियों तक संगठित करने और सामाजिक एकजुटता बढ़ाने का आह्वान किया गया।
