– लाडो प्रोत्साहन योजना पोर्टल लॉन्च, 1000 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का शिलान्यास-लोकार्पण
हनुमानगढ़। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हनुमानगढ़ के धान मंडी परिसर में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में महिलाओं के सशक्तीकरण, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता प्रमुख रूप से सामने आई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि महिलाएं समाज की धुरी हैं और उनके सशक्त होने से ही समाज की प्रगति और देश का विकास संभव है। उन्होंने कहा कि आधी आबादी की शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए महिलाओं से अपने अधिकारों, सम्मान और समान अवसरों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज की नारी हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रही है और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

महिलाओं की उपलब्धियों का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने देश की महिलाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है। वहीं सेना और सुरक्षा क्षेत्र में भी महिलाओं ने अपनी क्षमता का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि हाल के अभियानों में कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने देश का गौरव बढ़ाया है। खेल जगत में भी भारतीय महिलाओं ने विश्व स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री ने बैडमिंटन खिलाड़ी पी. वी. सिंधु, क्रिकेटर स्मृति मंधाना, भारोत्तोलक मीराबाई चानू, क्रिकेटर हरमनप्रीत कौर, निशानेबाज मनु भाकर तथा पैरा निशानेबाज अवनी लेखरा का उदाहरण देते हुए कहा कि इन महिलाओं ने अपने प्रदर्शन से देश का मान बढ़ाया है और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित किया है।

महिलाओं को केंद्र में रखकर बनी नीतियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं को केंद्र में रखकर अनेक नीतियों और योजनाओं का निर्माण किया है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत देशभर में 12 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण कर महिलाओं की गरिमा और स्वास्थ्य की रक्षा की गई है। उन्होंने बताया कि उज्ज्वला योजना के तहत 11 करोड़ से अधिक महिलाओं को गैस कनेक्शन दिए गए हैं, जिससे रसोई में धुएं से होने वाली समस्याओं से राहत मिली है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले 70 प्रतिशत से अधिक घर महिलाओं के नाम या संयुक्त नाम पर दिए गए हैं। इसके अलावा नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का मार्ग प्रशस्त किया गया है।

राज्य सरकार की योजनाओं से महिलाएं हो रही आत्मनिर्भर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। प्रदेश में 16 लाख से अधिक महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया गया है। इसके साथ ही 1 लाख 39 हजार स्वयं सहायता समूहों को 679 करोड़ रुपये की आजीविका सहायता उपलब्ध कराई गई है, जिससे हजारों महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर मिले हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना के तहत 19 लाख से अधिक महिला पेंशनरों को 6 हजार 876 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। वहीं मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के माध्यम से 27 हजार से अधिक कन्याओं के विवाह के लिए लगभग 101 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।

लाडो प्रोत्साहन योजना से बालिकाओं को लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने लाडो प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इस योजना के तहत बालिकाओं को सात किस्तों में डेढ़ लाख रुपये की राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि अब तक 6 लाख से अधिक बालिकाएं इस योजना से लाभान्वित हो चुकी हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मां वाउचर योजना सहित कई अन्य योजनाएं भी महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के प्रभावी प्रयासों के परिणामस्वरूप महिला अत्याचार से जुड़े मामलों के निस्तारण में तेजी आई है। वर्ष 2020 में जहां ऐसे मामलों के अनुसंधान को पूरा करने में औसतन 128 दिन लगते थे, वहीं अब यह समय घटकर 52 दिन रह गया है। साथ ही वर्ष 2023 की तुलना में महिला अत्याचार के मामलों में लगभग 10 प्रतिशत की कमी आई है।

किसानों और क्षेत्रीय विकास पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी क्षेत्रों के संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। वित्तीय वर्ष 2026 के बजट में गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 150 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त बोनस देने की घोषणा से श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ क्षेत्र के किसानों को विशेष लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी नहर परियोजना और गंगनहर के पुनर्निर्माण तथा फिरोजपुर फीडर के विकास कार्यों से क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी और किसानों की आय बढ़ेगी। इसके अलावा हनुमानगढ़ जिले में खालों के निर्माण के लिए 500 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

डीबीटी के माध्यम से योजनाओं का लाभ
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से महिलाओं तक पहुंचा रही है। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, साथिनों और सहायिकाओं के मानदेय में 10 प्रतिशत की वृद्धि से महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिलेगी और उनके कार्यों को प्रोत्साहन मिलेगा। इस अवसर पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि राज्य सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी कर श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों के लोगों को राहत दी है। साथ ही बिजली आपूर्ति और नहरी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 5 हजार करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत किए गए हैं।

1000 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने हनुमानगढ़ जिले में एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। उन्होंने लाडो प्रोत्साहन योजना का पोर्टल लॉन्च किया और योजना के लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से राशि हस्तांतरित की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना और बालिका दूरस्थ शिक्षा योजना के तहत भी लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। कार्यक्रम में पीएम स्वनिधि योजना, मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना और स्वयं सहायता समूहों को ऋण वितरण के प्रतीकात्मक चेक भी सौंपे गए। इसके अलावा साथिन मार्गदर्शिका का डिजिटल लॉन्च किया गया तथा पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान योजना के तहत चयनित महिलाओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

प्रदर्शनी का अवलोकन और लाभार्थियों से संवाद
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने महिला कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने गर्भवती महिला श्रीमती दिव्या की गोद भराई की रस्म निभाई और उन्हें पोषण किट प्रदान किया। साथ ही छह माह के शिशु को अन्नप्राशन करवाकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों को प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर और श्रवण यंत्र भी वितरित किए। कार्यक्रम स्थल और प्रदर्शनी क्षेत्र में सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी महिला पुलिसकर्मियों ने संभाली, जो महिला सशक्तीकरण का प्रतीकात्मक संदेश भी रहा।

बड़ी संख्या में शामिल हुए जनप्रतिनिधि और महिलाएं
कार्यक्रम में विधायक जयदीप बिहाणी, विधायक गणेशराज बंसल, विधायक गुरवीर बराड़ और विधायक संजीव बेनीवाल सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में महिलाएं, स्वयं सहायता समूहों की सदस्य, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आमजन कार्यक्रम में शामिल हुए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों से भी महिलाएं इस कार्यक्रम से जुड़ीं।कार्यक्रम के माध्यम से राज्य सरकार ने यह संदेश दिया कि महिला सशक्तीकरण केवल सामाजिक न्याय का प्रश्न नहीं बल्कि प्रदेश और देश के समग्र विकास की आधारशिला है। महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आर्थिक अवसर उपलब्ध कराकर ही एक सशक्त और समृद्ध समाज का निर्माण किया जा सकता है।
