– पूर्व पार्षद मनोज सैनी बोले- वरिष्ठ नेताओं के प्रति भाषा की मर्यादा और सम्मान बनाए रखना जरूरी
हनुमानगढ़। पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर से की गई व्यक्तिगत टिप्पणी को लेकर सैनी समाज में नाराजगी जताई गई है। हनुमानगढ़ के पूर्व पार्षद मनोज सैनी ने बयान जारी कर कहा कि मुख्यमंत्री की टिप्पणी से सैनी समाज ही नहीं, बल्कि राजस्थान की जनता भी आहत हुई है। मनोज सैनी ने कहा कि अशोक गहलोत का राजनीतिक जीवन संघर्ष, अनुभव, जनसेवा और उच्च आदर्शों से परिपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में जब भजनलाल शर्मा ने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा था, उस समय तक अशोक गहलोत पांच बार सांसद, तीन बार केंद्रीय मंत्री और राजस्थान के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर चुके थे। उन्होंने कहा कि राजनीति में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा और वरिष्ठ नेताओं के प्रति सम्मान बनाए रखना आवश्यक है। मुख्यमंत्री की ओर से की गई टिप्पणियां दुर्भाग्यपूर्ण हैं। मनोज सैनी ने मुख्यमंत्री से अपने आरोपों पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे राजनीतिक गरिमा और मर्यादा बनाए रखें। उन्होंने सैनी समाज की ओर से मुख्यमंत्री की टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि समाज इस मामले को लेकर अपनी नाराजगी दर्ज करवाएगा।
