नोहर। खण्ड उप जिला अस्पताल नोहर में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत रेफर किए गए बच्चों के उपचार हेतु एक दिवसीय रेफरल कैम्प का आयोजन किया गया। कैम्प का उद्देश्य विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रसित बच्चों की विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जांच एवं उपचार सुनिश्चित करना रहा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर में कुल 213 बच्चों की उपस्थिति रही। इनमें 30 बच्चे अनीमिया, 40 बच्चे ओटाइटिस एवं श्रवण दोष, 41 बच्चे दंत रोग तथा 56 बच्चे दृष्टि दोष से ग्रसित पाए गए। इसके अतिरिक्त 18 बच्चों की एनसीडी (गैर संचारी रोग) से संबंधित जांच भी की गई।

डॉ. शर्मा ने बताया कि कैम्प में 210 बच्चों का ऑन द स्पॉट उपचार किया गया, जबकि गंभीर स्वास्थ्य समस्या वाले 3 बच्चों को उच्च चिकित्सा संस्थान के लिए रेफर किया गया। उन्होंने बताया कि दृष्टि दोष से ग्रसित बच्चों की रेफ्रेक्शन जांच कैम्प स्थल पर ही की गई, जिसमें 26 बच्चों को चश्मे के लिए चिन्हित किया गया। कैम्प में विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। इनमें नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राजकुमार छिम्पा, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनीता कुमारी, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. गौतम स्वामी, अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. रोहित शेखू, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. सुभाष सिहाग, दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. मीनाक्षी, डॉ. बाबूलाल कुमावत, दंत सहायक अर्जुन एवं नेत्र सहायक भंवरलाल शामिल रहे।

कैम्प की व्यवस्थाओं एवं पंजीयन कार्य का दायित्व आरबीएसके आयुष चिकित्सक डॉ. श्रीप्रकाश, एएनएम सुश्री मुखी एवं मनोज द्वारा सफलतापूर्वक निभाया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि आरबीएसके कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों के समग्र स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए ऐसे रेफरल कैम्प निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अगला आरबीएसके रेफरल कैम्प 4 फरवरी 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) टिब्बी में आयोजित किया जाएगा।
