
हनुमानगढ़। ग्राम पंचायत दो केएनजे में लंबे समय से बंद पड़े प्राथमिक उपस्वास्थ्य केन्द्र को पुन: शुरू करवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मंगलवार को जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। रणवीर सिहाग के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपने वाले ग्रामीणों ने बताया कि दो केएनजे में प्राथमिक उपस्वास्थ्य केन्द्र पूर्व में सुचारु रूप से संचालित हो रहा था, जिससे आसपास के ग्रामीणों को प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो जाती थीं। कुछ समय पूर्व यहां कार्यरत चिकित्सक का तबादला हो जाने के बाद यह उपस्वास्थ्य केन्द्र बंद हो गया, जिसके कारण गांव के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में लगभग 80 प्रतिशत आबादी मजदूर वर्ग की है, जिनके पास निजी साधनों की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। उपस्वास्थ्य केन्द्र बंद होने के कारण ग्रामीणों को दवा एवं उपचार के लिए मक्कासर या जंक्शन तक जाना पड़ता है। कई बार आर्थिक तंगी के चलते ग्रामीण पैदल ही इन स्थानों तक जाने को मजबूर होते हैं, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है। विशेषकर बुजुर्गांे, महिलाओं और बच्चों के लिए यह स्थिति और भी कठिन हो जाती है। ग्रामीणों के अनुसार वर्तमान में बंद पड़े उपस्वास्थ्य केन्द्र के स्टोर रूम में दवाइयों का भारी मात्रा में स्टॉक मौजूद है, जिसकी कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है। अस्पताल बंद रहने से यह दवाइयां खराब होने की आशंका बनी हुई है, जो सरकारी संसाधनों की बर्बादी के समान है। ग्रामीणों ने जिला कलक्टर से मांग की कि जल्द से जल्द उपस्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सक की नियुक्ति की जाए, ताकि अस्पताल को पुन: संचालित किया जा सके। इससे ग्रामीणों को अपने ही गांव में प्राथमिक उपचार एवं दवाइयां उपलब्ध हो सकेंगी। इस मौके पर वेद मक्कासर, राजेंद्र सुथार, उत्तम नेहरा, मंगतूराम पूनिया, गुरदीप सिंह सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।
