हनुमानगढ़। श्री खुशालदास विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय की ओर से दो दिवसीय विश्वविद्यालय स्तरीय राष्ट्रीय हैकाथॉन जेनसॉल्व 2026 का आयोजन किया गया। यह आयोजन शिक्षा मंत्रालय, नवाचार प्रकोष्ठ एवं संस्थान नवाचार परिषद के तत्वावधान में आयोजित किया गया। हैकाथॉन में छात्र-छात्राओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), स्वास्थ्य, वित्तीय प्रौद्योगिकी, महिला सुरक्षा, मुक्त नवाचार तथा करियर मार्गदर्शन जैसे विषयों पर आधारित अनेक अभिनव परियोजनाएं प्रस्तुत कीं। प्रतिभागियों की रचनात्मक सोच, तकनीकी दक्षता और समस्या समाधान क्षमता ने सभी को प्रभावित किया। प्रतियोगिता में एसकेडी टेक एआई टीम ने अपनी परियोजना पाथफ्लो के माध्यम से प्रथम स्थान प्राप्त किया। यह एक एआई आधारित करियर मार्गदर्शन मंच है, जो छात्र-छात्राओं को उनकी रुचि, योग्यता और रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुसार सही करियर दिशा चुनने में सहायता प्रदान करता है। द्वितीय स्थान जुहित्सु टीम को मिला। टीम की ओर से विकसित हैंड टू टेक्स्ट प्रणाली सांकेतिक भाषा को तुरंत लिखित शब्दों और ध्वनि में परिवर्तित करती है। यह तकनीक हाथों की गतिविधियों को पहचानकर संवाद को सरल बनाती है। तृतीय स्थान संयुक्त रूप से थिंकटैंकर्स टीम की परियोजना शीशील्ड तथा ह्यूमनटेक टीम की परियोजना फिट एआई को प्रदान किया गया। इसके अलावा साइबर टाइटन्स टीम को सर्वश्रेष्ठ समाधान पुरस्कार तथा यूनिक ह्यूमन टीम को सर्वश्रेष्ठ डिजाइन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। हैकाथॉन में प्रस्तुत शीशील्ड और फिट एआई विशेष आकर्षण का केन्द्र रहीं। शीशील्ड महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर विकसित की गई स्मार्ट सुरक्षा अंगूठी है, जिसे आभूषण के रूप में डिजाइन किया गया है। यह अंगूठी मात्र पांच सेकंड तक दबाने पर बिना मोबाइल फोन के उपयोग के निकटतम पुलिस थाने को उपयोगकर्ता की रियल-टाइम लोकेशन भेज देती है। वहीं फिट एआई एक बुद्धिमान व्यायाम मार्गदर्शक प्रणाली है, जो शरीर की गतिविधियों का विश्लेषण कर व्यायाम के दौरान होने वाली गलतियों को तुरंत पहचानती है और उन्हें सुधारने के सुझाव देती है। श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि युवाओं की सोच में ही देश का भविष्य छिपा है। छात्र-छात्राओं की ओर से प्रस्तुत प्रोजेक्ट यह साबित करते हैं कि आज की युवा पीढ़ी केवल समस्याओं पर चर्चा नहीं करती, बल्कि तकनीक के माध्यम से उनके व्यावहारिक समाधान भी प्रस्तुत कर रही है। विश्वविद्यालय के मैनेजिंग डायरेक्टर दिनेश कुमार जुनेजा ने कहा कि आज का युग केवल किताबी ज्ञान का नहीं, बल्कि नवाचार और कौशल का है। हैकाथॉन जैसे आयोजन छात्र-छात्राओं की छिपी प्रतिभा को उजागर करने के साथ उनमें टीम वर्क और नेतृत्व क्षमता का विकास करते हैं। विश्वविद्यालय के डायरेक्टर जनरल एवं सेवानिवृत्त आईजी गिरीश चावला ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुसंधान और व्यावहारिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहा है। इस मौके पर डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर पूजा जुनेजा, आईक्यूएसी निदेशक डॉ. अवदेश शर्मा, रजिस्ट्रार डॉ. मयंक माथुर भी मौजूद रहे। विभागाध्यक्ष डॉ. कुलवंत सिंह तथा संकाय सदस्यों विक्रम मंगवाना, मनमीत कौर, प्रदीप स्वामी, सुमित कुमार, मनोज जोशी, राजविंद्र सिंह, सूरज सिंह और नितिन मीणा ने छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया।
