– डेंगू-मलेरिया की रोकथाम के लिए घर-घर सर्वे और एंटी लार्वा गतिविधियां तेज- पिछले साल के साबुआना डेंगू आउटब्रेक को देखते हुए विशेष निगरानी
हनुमानगढ़। जिले में एचपीवी तथा मौसमी बीमारियों की प्रभावी रोकथाम और स्वास्थ्य विभाग की गतिविधियों की बेहतर मॉनिटरिंग को लेकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। इसी क्रम में डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अखिलेश ने मंगलवार को जिले के सातों ब्लॉक के सुपरवाइजरी स्टाफ के साथ बैठक कर विभागीय कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में विशेष रूप से एचपीवी, डेंगू-मलेरिया सहित मौसमी बीमारियों की रोकथाम और फील्ड स्तर पर निगरानी को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अखिलेश ने बताया कि जिले के सभी सात ब्लॉक के सुपरवाइजरी स्टाफ के साथ बैठक की गई है, ताकि केन्द्र और राज्य स्तर पर संचालित स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा सके और सरकार की अपेक्षा के अनुरूप निर्धारित लक्ष्यों को हासिल किया जा सके। उन्होंने बताया कि वर्तमान में एचपीवी और मौसमी बीमारियों को विशेष फोकस में रखा गया है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष टिब्बी ब्लॉक के साबुआना गांव में डेंगू का आउटब्रेक सामने आया था। इसे ध्यान में रखते हुए इस बार पहले से ही आवश्यक प्रबंधन और गतिविधियां की जा रही हैं, ताकि जिले को ऐसी स्थिति का दोबारा सामना न करना पड़े और आमजन की सुरक्षा के लिए बेहतर काम किया जा सके। डॉ. अखिलेश ने बताया कि डेंगू और मलेरिया की रोकथाम में आमजन की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। घरों के आसपास पानी जमा होने से मच्छरों के पनपने की संभावना रहती है, इसलिए लोगों को अपने आसपास पानी एकत्रित नहीं होने देना चाहिए। जिला कलक्टर और सीएमएचओ की ओर से भी आमजन से अपील की गई है कि जल स्रोतों को ढककर रखें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें। उन्होंने बताया कि नगर परिषद की ओर से समय-समय पर फॉगिंग, साफ-सफाई और एमएलओ की व्यवस्था की जाती है। वहीं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की करीब 900 कर्मचारियों की टीम प्रतिदिन घर-घर जाकर गतिविधियां संचालित कर रही है। टीमों की ओर से एंटी लार्वा गतिविधियां भी की जा रही हैं। बुखार के मामलों में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर कार्ड टेस्ट किए जा रहे हैं तथा आवश्यकता के अनुसार जिला स्तर पर आगे की जांच की जाती है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि फील्ड में तैनात स्टाफ अपने क्षेत्र में प्रभावी ढंग से निगरानी और मॉनिटरिंग कर सके। इसी उद्देश्य से सुपरवाइजरी स्टाफ की बैठक आयोजित की गई, ताकि स्वास्थ्य कार्यक्रमों की गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करते हुए मौसमी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
