हनुमानगढ़। राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, पक्का सारणा में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर के छठे दिन विभिन्न रचनात्मक और सामाजिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिदिन की भांति अनुशासन और उत्साह के साथ हुई, जिसमें स्वयंसेविकाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। छठे दिन के कार्यक्रम में शारीरिक शिक्षा की अध्यापिका निशा त्यागी ने स्वयंसेविकाओं को योगाभ्यास करवाया। उन्होंने विभिन्न योगासन कराते हुए योग के शारीरिक और मानसिक लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ रहता है, मानसिक तनाव कम होता है तथा व्यक्ति का आत्मविश्वास भी बढ़ता है। स्वयंसेविकाओं ने पूरे उत्साह के साथ योगाभ्यास में भाग लेकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। इसके पश्चात स्वयंसेविकाओं ने गोद ली गई बस्ती में जाकर पर्यावरण संरक्षण को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने लोगों को स्वच्छता बनाए रखने, पेड़-पौधे लगाने तथा प्लास्टिक के उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। स्वयंसेविकाओं ने लोगों से अपील की कि वे पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करें और कपड़े के थैलों का प्रयोग करें।

इस अवसर पर एक सराहनीय पहल करते हुए स्वयंसेविकाओं ने पुराने कपड़ों से थैले सिलकर तैयार किए और उन्हें गोद ली गई बस्ती के लोगों में वितरित किया। साथ ही उन्हें प्लास्टिक के उपयोग से होने वाले नुकसान के बारे में भी अवगत कराया। स्वयंसेविकाओं की इस पहल की स्थानीय लोगों ने सराहना की और पर्यावरण संरक्षण के इस संदेश को अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम प्रभारी अनीता मीणा ने स्वयंसेविकाओं को एनएसएस शिविर के नियमों, अनुशासन और सेवा भावना के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एनएसएस का मुख्य उद्देश्य समाज सेवा के माध्यम से युवाओं में जिम्मेदारी, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जागरूकता का विकास करना है। शिविर के दौरान स्वयंसेविकाओं ने सामूहिकता और सहयोग की भावना को भी मजबूत किया। सभी स्वयंसेविकाओं ने मिलकर अपनी पसंद का भोजन तैयार किया और सामूहिक रूप से भोजन ग्रहण किया। इस गतिविधि से उनमें मिल-जुलकर रहने, सहयोग करने और एक-दूसरे के प्रति सम्मान की भावना विकसित हुई। विद्यालय के प्रधानाचार्य राकेश कुमार अग्रवाल ने स्वयंसेविकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि एनएसएस शिविर युवाओं के व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने स्वयंसेविकाओं को अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने तथा समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों से विद्यार्थियों में सेवा, अनुशासन और नेतृत्व के गुण विकसित होते हैं, जो उनके भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। छठे दिन के इन प्रेरणादायक कार्यक्रमों ने स्वयंसेविकाओं में समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण और सहयोग की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।
