हनुमानगढ़। जिले के किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के बैनर तले गुरुवार को राष्ट्रपति को पत्र भेजकर अपनी समस्याओं और मांगों को रखा। एसडीएम के माध्यम से प्रेषित किए गए पत्र में किसानों ने गेहूं और सरसों की एमएसपी पर खरीद, आलू के उचित दाम, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में कृषि सुरक्षा और किसान आंदोलनों के दौरान दर्ज मुकदमों की वापसी सहित कई मुद्दों पर जोर दिया है। किसानों का कहना है कि हाल ही में गेहूं खरीद में लागू किए गए नए नियम, जैसे स्लाट बुकिंग, गेट पास के लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और ट्रैक्टर-ट्राली पर नंबर प्लेट की फोटो अपलोडिंग, मंडियों में लंबा जाम और परेशानियां पैदा कर रहे हैं। आलू के दाम गिरने से किसानों की लागत भी पूरी नहीं हो पा रही है। हालिया आत्महत्याओं ने स्थिति की गंभीरता को उजागर किया है। किसानों ने केंद्र और राज्य सरकार से आलू के लिए विशेष राहत पैकेज और उचित मूल्य पर खरीद की मांग कीद्ध पत्र में कहा गया है कि खेती, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्रों को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में शामिल नहीं किया जाना चाहिए और अमेरिका से कृषि उत्पादों के आयात पर रोक लगाई जानी चाहिए। साथ ही आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को तुरंत वापस लेने की भी मांग की गई है। संयुक्त किसान मोर्चा ने उम्मीद जताई है कि राष्ट्रपति कार्यालय इस पत्र के माध्यम से सरकार को दिशा-निर्देश जारी करेंगे और किसानों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। इस मौके पर इंद्रजीत सिंह, केसराराम गोदारा, महावीर सहारण, बलजिंद्र सिंह, अरविंद, बलवीर सिंह, चरणजीत सिंह, प्यारा सिंह, सुभाष टाक, अमरजीत, गगनदीप कौर मौजूद रहे।
