हनुमानगढ़। पीलीबंगा थाना क्षेत्र के गांव जाखड़ांवाली में कार की चाबी देने से इनकार करने पर घर की चारदीवारी के अंदर रखा शीलर जबरन ट्रैक्टर से जोड़कर ले जाने का मामला सामने आया है। परिवादी ने तीन लोगों पर शीलर के साथ सब्बल और गड्ढे खोदने वाला बर्मा भी ले जाने तथा उसे व परिवार को जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीलीबंगा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी रिपोर्ट में भजनलाल (26) पुत्र महेन्द्र जाट निवासी 6 एचएलएम, जाखड़ांवाली ने बताया कि 27 सितंबर की सुबह करीब 11 बजे राकेश कासनिया पुत्र लालचंद कासनिया निवासी जाखड़ांवाली, संदीप वर्मा निवासी 4 एसटीबी तथा रामकिशन पुत्र फूसाराम गोदारा निवासी 11 एमडब्ल्यूएम उसके घर आए। राकेश और संदीप कार में तथा रामकिशन ट्रैक्टर पर सवार होकर आया था। परिवादी के अनुसार उसके घर की चारदीवारी के अंदर खुले में करीब 40 हजार रुपए कीमत का नया शीलर रखा हुआ था। शीलर के ऊपर सब्बल और गड्ढे खोदने वाला बर्मा भी रखा था। तीनों उसके घर के आसपास घूम रहे थे। इसी दौरान कमरे से बाहर आने पर उन्होंने उससे कार की चाबी मांगी। चाबी देने से इनकार करने पर आरोपियों ने कार के शीशे तोड़ने की धमकी दी। दोबारा चाबी देने से इनकार करने पर तीनों गुस्सा हो गए और रामकिशन के ट्रैक्टर के पीछे शीलर जोड़कर उसे सब्बल व बर्मा सहित जबरन ले जाने लगे। विरोध करने पर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी गईं। इसके बाद आरोपी शीलर को अपने साथ ले गए। घटना के समय उसकी पत्नी उषा भी मौके पर मौजूद थी। भजनलाल ने रिपोर्ट में आरोप लगाया कि करीब सात माह पहले भी राकेश ने किसी अन्य व्यक्ति से उसके साथ मारपीट करवाई थी और धमकी दी थी। इसके अलावा राकेश ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी दी। परिवादी ने रिपोर्ट में संदीप के खिलाफ पूर्व में पीलीबंगा थाने में मामला दर्ज होने तथा राकेश के हिस्ट्रीशीटर होने का भी उल्लेख किया है। परिवादी ने तीनों आरोपियों से स्वयं और परिवार के सदस्यों को भविष्य में जान-माल का खतरा बताते हुए कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर बीएनएस की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले का अनुसंधान उपनिरीक्षक चैनदान को सौंपा गया है।
