खुईयां। भारतीय किसान संघ की तहसील शाखा खुईयां की मासिक बैठक तहसील अध्यक्ष बेगराज शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक के उपरांत क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही कृषि एवं घरेलू विद्युत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर किसान संघ के पदाधिकारी और किसान तहसील कार्यालय खुईयां में धरने पर बैठ गए। भारतीय किसान संघ ने बताया कि पूर्व में उपखंड प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर उप तहसील खुईयां क्षेत्र के लगभग 40 गांवों में व्याप्त लो-वोल्टेज, बार-बार बिजली कटौती, जर्जर विद्युत लाइनों, ओवरलोड ट्रांसफार्मरों तथा फॉल्टों के समय पर निस्तारण नहीं होने जैसी समस्याओं से अवगत कराया गया था। साथ ही नरमा, मूंग एवं मूंगफली की बुवाई के दौरान किसानों को हो रही परेशानियों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया गया था। समस्याओं के समाधान में देरी होने पर किसान संघ ने धरना शुरू किया। धरने के दौरान उप तहसीलदार रामसिंह की मौजूदगी में तहसील अध्यक्ष बेगराज शर्मा के नेतृत्व में विद्युत विभाग के सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता, क्षेत्र के लाइनमैन, एफआरटी टीम के ठेकेदार गणेश दास तथा संबंधित कर्मचारियों के साथ विस्तृत वार्ता हुई। वार्ता सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई, जिसमें किसानों की मांगों पर सहमति बनी।

वार्ता में लिए गए प्रमुख निर्णय
- विभिन्न फीडरों पर बाधित कृषि एवं घरेलू विद्युत लाइनों को तत्काल प्रभाव से चालू किया गया।
- खुईयां विद्युत गृह में एक अतिरिक्त कर्मचारी की नियुक्ति की गई।
- अधिक कार्यभार वाले फीडरों पर तीन अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई।
- सभी कर्मचारियों एवं लाइन स्टाफ की क्षेत्रवार जिम्मेदारी तय की गई।
- बिजली आपूर्ति बाधित होने अथवा फॉल्ट आने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
- एफआरटी टीम के कर्मचारियों का बकाया एवं भविष्य का वेतन समय पर दिलाने का आश्वासन दिया गया।
- कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने पर सहमति बनी।
तहसील अध्यक्ष बेगराज शर्मा ने कहा कि भारतीय किसान संघ का उद्देश्य संघर्ष करना नहीं, बल्कि किसानों की वास्तविक समस्याओं का समाधान करवाना है। उन्होंने प्रशासन एवं विद्युत विभाग द्वारा लिए गए सकारात्मक निर्णयों का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इनका प्रभावी क्रियान्वयन धरातल पर भी दिखाई देगा। इस अवसर पर तहसील मंत्री फुलचंद पारीक, ग्राम समिति अध्यक्ष मुकेश सिंह राठौड़, राधाकिशन कारेला, रामानंद शर्मा, सत्यवीर गिर, शिशपाल स्वामी, उदमीराम साहू, रामनिवास स्वामी, पूर्णमल शर्मा, मगतूराम मेघवाल, राजेंद्र पारीक, सुभाष, कालूराम, ओमप्रकाश, मांगीलाल सारसर, लिछमणाराम, रमेश कुमार, वीरेंद्र सिंह राठौड़, जयवीर, मांगीलाल साहू, हरलाल जोशी, रविंद्र सिंह, विनोद कुमार, पवन कुमार सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
