-गणेश वंदना से शुरू हुआ चेटीचंड महोत्सव, 20 मार्च को होगा मुख्य समारोह
हनुमानगढ़। टाउन में पूज्य सिंधी पंचायत सोसायटी (रजि.) एवं श्री झूलेलाल मंदिर सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित 64वें चेटीचंड महोत्सव का रविवार को गणेश वंदना और भव्य वाहन रैली के साथ शुभारंभ हुआ। पांच दिवसीय इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक महोत्सव के पहले दिन झूलेलाल नारी शक्ति के नेतृत्व में महिलाओं की आकर्षक वाहन रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर श्रद्धा और उत्साह का परिचय दिया। महोत्सव की शुरुआत सुबह 6 बजे झूलेलाल मंदिर, सिंधी मोहल्ला, वार्ड नंबर 25 से हुई। रैली को वर्षा कर्मचंदानी और अनिता तेजवानी ने भगवान झूलेलाल के जयकारों के साथ रवाना किया। वाहन रैली में शामिल महिलाएं पारंपरिक सिंधी परिधानों में सजी हुई थीं और पूरे मार्ग में झूलेलाल के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई अल्फा सिटी तक पहुंची। रैली के दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर समाज के लोगों और नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर रैली का स्वागत किया।

जगह-जगह श्रद्धालुओं ने वाहन रैली में शामिल महिलाओं का उत्साहवर्धन किया। पूरे मार्ग में धार्मिक गीतों और जयकारों से माहौल श्रद्धामय बना रहा, जिससे महोत्सव की शुरुआत उत्साह और आस्था के साथ हुई। झूलेलाल नारी शक्ति की वर्षा कर्मचंदानी ने बताया कि चेटीचंड महोत्सव सिंधी समाज की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण पर्व है। इस महोत्सव के माध्यम से समाज की धार्मिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने बताया कि पांच दिवसीय इस महोत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें समाज के लोग बड़ी संख्या में भाग लेंगे। पंचायत अध्यक्ष खजान चंद शिवनानी ने बताया कि महोत्सव के अंतर्गत 16 मार्च को सुबह भव्य प्रभात फेरी निकाली जाएगी। वहीं शाम 5 बजे छप्पन भोग, शाम 7 बजे भजन संध्या और महाआरती का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि 17 मार्च को भी प्रभात फेरी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सिंधी समाज के लोग उत्साह के साथ भाग लेंगे। महोत्सव के तीसरे दिन 18 मार्च को सिंधी समाज की संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष सिंधी स्टाल लगाए जाएंगे। इन स्टालों पर समाज की पारंपरिक वस्तुओं, हस्तशिल्प और सिंधी व्यंजनों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे लोगों को सिंधी संस्कृति और खान-पान से परिचित होने का अवसर मिलेगा।

इसी क्रम में 19 मार्च की संध्या को बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इस कार्यक्रम में बच्चे नृत्य, गीत और नाटकों की मनमोहक प्रस्तुतियां देंगे। आयोजकों के अनुसार इन कार्यक्रमों का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक मूल्यों से जोड़ना है, ताकि समाज की सांस्कृतिक विरासत आगे बढ़ती रहे। पांच दिवसीय चेटीचंड महोत्सव का मुख्य आकर्षण 20 मार्च, शुक्रवार को झूलेलाल मंदिर परिसर में आयोजित होने वाला मुख्य समारोह होगा। इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना, भगवान झूलेलाल की भव्य शोभायात्रा, भजन संध्या और महाप्रसाद का आयोजन किया जाएगा। हनुमानगढ़ टाउन में सिंधी समाज इस महोत्सव को पूरे हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मना रहा है। महोत्सव के विभिन्न कार्यक्रमों में समाज के लोग बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं और पूरे क्षेत्र में धार्मिक एवं सांस्कृतिक माहौल बना हुआ है। आयोजकों को उम्मीद है कि आगामी दिनों में होने वाले कार्यक्रमों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे और महोत्सव को सफल बनाएंगे।
