हनुमानगढ़। खरीफ सीजन 2026 की तैयारियों को लेकर हनुमानगढ़ तहसील के कृषि आदान विक्रेताओं की बैठक सोमवार को आयोजित की गई। बैठक का आयोजन संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), जिला परिषद हनुमानगढ़ डॉ. प्रमोद कुमार के निर्देशन कॉन्फ्रेंस हॉल आत्मा, हनुमानगढ़ में किया गया, जिसमें आदान विक्रेताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में खरीफ फसलों की बुवाई के दौरान किसानों को गुणवत्तायुक्त व पर्याप्त मात्रा में बीज, उर्वरक एवं कीटनाशक समय पर व सही मूल्य पर उपलब्ध करवाने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही आदानों के सुचारू एवं व्यवस्थित वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। अधिकारियों ने यूरिया के डायवर्जन को रोकने के लिए भी सख्त निगरानी रखने की बात कही और सभी विक्रेताओं को नियमों की पालना करने के निर्देश दिए।

बैठक में मौजूद सभी आदान विक्रेताओं को निर्धारित दिशा-निदेर्शों के अनुसार कार्य करने तथा पारदर्शिता बनाए रखने को कहा गया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खरीफ सीजन के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में आदान विक्रेताओं ने टैगिंग को लेकर आ रही दिक्कतों से अवगत करवाया। उनका कहना था कि कंपनी को टैगिंग के संबंध में मना किया जाए। इस पर टैगिंग नहीं मिलेगी। अगर कंपनी नहीं देती है तो उन्हें सूचित किया जाए लेकिन किसान को कोई टैगिंग नहीं की जाएगी। संयुक्त निदेशक डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि इस तरह की बैठकें हर ब्लॉक स्तर पर आयोजित की जा रही हैं। इस बार कृषि आदानों की किसी तरह की कमी नहीं रहने दी जाएगी। इसके लिए वार्षिक प्लान बनाया हुआ है। खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद, बीज और दवाएं उपलब्ध हैं। कालाबाजारी रोकने के लिए ब्लॉकवाइज व मंडीवाइज निरीक्षकों को तैनात किया गया है। हर मंडी के प्रभारी लगाए गए हैं। उनकी ओर से जांच कर सैंपलिंग की कार्रवाई की जा रही है ताकि संभावित कालाबाजारी पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके। बैठक में सहायक निदेशक डॉ. संजीव कुमार, बलकरण सिंह, राजेन्द्र बेनीवाल, राजवंती सहारण व कुलवन्त सिंह सहित हनुमानगढ़ तहसील के कई आदान विक्रेता मौजूद रहे।
