गोलूवाला। जिले के मंडी गोलूवाला स्थित गुरुद्वारा मेहताबगढ़ साहिब से जुड़े विवाद में नया कानूनी मोड़ सामने आया है। गुरुद्वारे पर कथित हमले के मामले में पहले से नामजद आरोपियों के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में न्यायालय के निर्देश पर एक और एफआईआर दर्ज की गई है। मामला पहले से ही गंभीर आरोपों के चलते चर्चा में रहा है। आरोप है कि कुछ लोगों ने गुरुद्वारे में घुसकर बच्चों और बुजुर्गों पर तलवारों से हमला किया था। इस घटना को लेकर पहले भी पुलिस थाने में एक एफआईआर दर्ज की गई थी, जबकि दूसरी एफआईआर गुरुद्वारा की मुख्य सेवादार बीबी हरमीत कौर की ओर से दर्ज करवाई गई थी। बीबी हरमीत कौर का आरोप है कि सादुलशहर के विधायक गुरवीर बराड़ के दबाव के चलते अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गुरुद्वारे पर अटैचमेंट लगाकर रिसीवर नियुक्त किए जाने के बावजूद उसी की आड़ में नामजद आरोपी ही प्रबंधन संभाल रहे हैं। बीबी हरमीत कौर के अनुसार गुरुद्वारा मेहताबगढ़ साहिब की प्रबंध समिति वर्ष 2017-18 में ही पंजीकृत संस्था है। इसके बावजूद आरोपियों ने 16 अक्टूबर 2025 को कथित रूप से गुरुद्वारे का नाम बदलकर “गुरुद्वारा सिंह सभा प्रबंध समिति” के नाम से नया रजिस्ट्रेशन करवा लिया। इस संबंध में उन्होंने गोलूवाला थाने में शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। बाद में उन्होंने पुलिस अधीक्षक को भी आवेदन दिया, परंतु वहां भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद न्याय की मांग को लेकर बीबी हरमीत कौर ने न्यायिक मजिस्ट्रेट, पीलीबंगा की अदालत में याचिका दायर की। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 12 नामजद आरोपियों—जीत सिंह, सुखविंदर सिंह, करनजीत सिंह, प्रीतम सिंह, गुरप्रीत कौर, सुरेंद्र सिंह, तरम सिंह, लक्ष्मण सिंह, आकाशदीप सिंह, बलवंत सिंह, मक्खन सिंह और पूर्व सरपंच पूरन राम डेलू—के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए। अदालत के निर्देश पर 24 मार्च 2026 को गोलूवाला थाने में एफआईआर नंबर 80/2026 दर्ज कर ली गई है। बीबी हरमीत कौर ने इस कार्रवाई पर संतोष जताते हुए कहा कि चाहे कितना भी दबाव क्यों न बनाया जाए, लेकिन देश में कानून अभी भी जिंदा है और उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है।
