हनुमानगढ़। केन्द्र सरकार की ओर से लागू किए गए चार लेबर कोड के विरोध में गुरुवार को मजदूर संगठनों की ओर से देशव्यापी हड़ताल की गई। इसी क्रम में जिला मुख्यालय हनुमानगढ़ पर भारतीय ट्रेड यूनियन केन्द्र (सीटू) के बैनर तले जिला कलक्ट्रेट के समक्ष सभा एवं प्रदर्शन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम 13 सूत्री मांगपत्र प्रशासन को सौंपा गया। सभा-प्रदर्शन में एफसीआई, अनाज मंडी, ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित विभिन्न यूनियनों से जुड़े मजदूरों ने हिस्सा लिया।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला कलक्ट्रेट परिसर में पुलिस जाप्ता तैनात रहा। इससे पहले मजदूरों की ओर से धानमंडी से जिला कलक्ट्रेट तक रोष मार्च निकाला गया। कलक्ट्रेट समक्ष हुई सभा को संबोधित करते हुए मजदूर नेताओं ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार की ओर से लागू किए गए चार लेबर कोड एवं अन्य श्रम व जन-विरोधी नीतियों से श्रमिक वर्ग के संवैधानिक, कानूनी और मानवीय अधिकारों पर आघात हुआ है।

उन्होंने कहा कि इन श्रम संहिताओं को श्रमिक हितैषी बताकर प्रचारित किया गया, जबकि इनका वास्तविक स्वरूप पूंजीपति घरानों के हितों को बढ़ावा देने वाला है। वक्ताओं ने कहा कि नए कानूनों के लागू होने से संगठित और असंगठित क्षेत्र के बड़े श्रमबल को श्रम कानूनों की प्रभावी सुरक्षा से वंचित कर दिया गया है। पूर्व प्रावधानों में वेतन रोके जाने पर नियोक्ता के खिलाफ कठोर दंड और जुर्माने का प्रावधान था, जिसे समाप्त कर दिया गया है। इससे श्रमिकों के वेतन संबंधी अधिकार कमजोर हुए हैं और करोड़ों श्रमिक न्यूनतम वेतन की कानूनी सुरक्षा से बाहर हो गए हैं।

बड़ी संख्या में मजदूरों का वेतन संहिता के दायरे से बाहर हो जाना चिंताजनक बताया गया। मजदूर नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि मनरेगा कानून को समाप्त कर वीबीजी राम जी योजना लागू की गई है, जिससे मनरेगा की पूर्व सुविधाएं खत्म हो गई हैं। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि चारों लेबर कोड निरस्त किए जाएं, श्रम शक्ति नीति-2025 वापस ली जाए, अनाज मंडियों में निजी कंपनियों के जरिए गेहूं की खरीद पर रोक लगाई जाए तथा सार्वजनिक क्षेत्र में विनिवेश और निजीकरण बंद किया जाए। साथ ही किसानों की सभी फसलों की खरीद एमएसपी पर सुनिश्चित करने और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की भी मांग की गई। मजदूर नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आगामी समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

इस मौके पर रामेश्वर वर्मा, बहादुर सिंह चौहान, रघुवीर वर्मा, बलदेव सिंह, सुल्तान खान, ओमप्रकाश, वारस अली, रिछपाल, हरजीराम, सर्वजीत कौर, संजना रानी, दारासिंह, रामबाबू, बसंत सिंह, सुरेश, हरदेव सिंह, शिव कुमार, विनय कुमार, गुरप्रेम सिंह, वली शेर, मुकद्दर अली, विक्रम सिंह आदि मौजूद रहे।
