-सिंधी धर्मशाला में चेटीचण्ड महोत्सव की धूम, महिलाओं और बच्चों ने दिखाई प्रतिभा
हनुमानगढ़। पूज्य सिंधी पंचायत समिति रजिस्टर्ड एवं झूलेलाल मंदिर सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित 64वें चेटीचण्ड महोत्सव के चौथे दिन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक सहभागिता का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का आयोजन सिंधी धर्मशाला में किया गया, जहां झूलेलाल नारी शक्ति द्वारा बच्चों के लिए क्राफ्ट प्रतियोगिता तथा महिलाओं के लिए कुकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी प्रो. डॉ. सुमन चावला तथा यूथ वीरांगना रजनी और मीनाक्षी रहीं। अतिथियों ने भगवान झूलेलाल के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर तथा पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।

इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने श्रद्धा और उत्साह के साथ कार्यक्रम का आनंद लिया। आयोजन में धार्मिक भावनाओं के साथ सामाजिक एकता और सामुदायिक सहभागिता की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी। कार्यक्रम की आयोजक झूलेलाल नारी शक्ति की सदस्य वर्षा कर्मचंदानी और अनीता तेजवानी ने अतिथियों का माला पहनाकर और शाल ओढ़ाकर स्वागत एवं सम्मान किया। बच्चों की क्राफ्ट प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने रंग-बिरंगी और रचनात्मक कलाकृतियों के माध्यम से अपनी कल्पनाशीलता का परिचय दिया। वहीं महिलाओं की कुकिंग प्रतियोगिता में पारंपरिक सिंधी व्यंजनों के साथ आधुनिक स्वादों का सुंदर समन्वय देखने को मिला, जिसने उपस्थित लोगों को विशेष रूप से आकर्षित किया।प्रतियोगिताओं के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया, जिससे प्रतिभागियों का उत्साह और बढ़ गया।

इसके अलावा सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक आकर्षक स्टॉल्स भी लगाए गए, जिनमें महिलाओं ने अपने हस्तनिर्मित उत्पादों का प्रदर्शन किया। इन स्टॉल्स पर हस्तशिल्प, घरेलू खाद्य सामग्री और सजावटी वस्तुओं की विविधता ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। महोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं ने सक्रिय सहभागिता करते हुए कार्यक्रम का आनंद लिया। चेटीचण्ड महोत्सव का यह चौथा दिन न केवल सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का प्रतीक बना, बल्कि महिला सशक्तिकरण और सामाजिक एकता का भी सशक्त संदेश देकर गया। आयोजकों ने बताया कि आगामी दिनों में भी महोत्सव के अंतर्गत विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
