हनुमानगढ़। टाउन स्थित नेहरू मेमोरियल विधि महाविद्यालय में विधिक सहायता केन्द्र के तत्वावधान में आयोजित साइबर विधि एवं जागरूकता विषयक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का चतुर्थ एवं समापन सत्र सोमवार को सम्पन्न हुआ। समापन सत्र का मुख्य विषय ‘साइबर अपराध का दुष्प्रभाव एवं समाज की जिम्मेदारी रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. रामपाल अहरोदिया थे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. संतोष राजपुरोहित ने शिरकत की। अध्यक्षता महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीताराम ने की। मुख्य अतिथि डॉ. रामपाल अहरोदिया ने कहा कि साइबर अपराध अब केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक प्रतिष्ठा पर भी गंभीर प्रभाव डाल रहा है। उन्होंने डिजिटल साक्षरता के साथ डिजिटल नैतिकता अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। विशिष्ट अतिथि डॉ. संतोष राजपुरोहित ने युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तकनीक का सही उपयोग ही सुरक्षित भविष्य की कुंजी है।

उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे ग्रामीण और कम शिक्षित लोगों को विशिंग और फिशिंग जैसे साइबर खतरों के प्रति जागरूक करें। डॉ. सीताराम ने राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा नीति और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि सुरक्षित साइबर स्पेस के लिए नागरिकों की सतर्कता अत्यंत आवश्यक है। वक्ता सहायक आचार्य हरीश यादव ने कानूनी प्रक्रियाओं पर चर्चा करते हुए बताया कि साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन नम्बर पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए, जिससे त्वरित कार्रवाई और रिकवरी की संभावना बढ़ जाती है।

विधि प्रथम सेमेस्टर की छात्रा कविता डूडी ने कहा कि साइबर सुरक्षा के प्रयास अभी भी पर्याप्त नहीं हैं और समाज को सामूहिक रूप से जागरूक होने की आवश्यकता है। प्रभारी डॉ. बृजेश अग्रवाल ने बताया कि महाविद्यालय में पिछले एक सप्ताह से चल रही इस प्रशिक्षण श्रृंखला के दौरान न्यायिक विशेषज्ञों, पुलिस प्रशासन की साइबर यूनिट और बैंकिंग विशेषज्ञों ने साइबर कानून, हैकिंग से बचाव तथा डिजिटल लेनदेन सुरक्षा पर जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण छात्र-छात्राओं को समाज में साइबर जागरूकता फैलाने के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस मौके पर सह-आचार्य डॉ. केबी ओझा, सहायक आचार्य डॉ. मोहम्मद इमरान, अशोक कुमार, डॉ. दिनेश खोथ, निखिल सिगची, विकास चौधरी, मीनाक्षी धूड़िया, नीरज शर्मा, दिनेश कुमार, श्रवण कुमार, नरेश कुमार मौजूद रहे।
