हनुमानगढ़। शहर के प्रमुख आवासीय क्षेत्रों में शामिल सिविल लाइंस इलाके में गंदे पानी की गंभीर समस्या को लेकर न्यू सिविल लाइंस वेलफेयर सोसायटी ने राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। सोसायटी की ओर से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर क्षेत्र में लंबे समय से बनी इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की गई है। सोसायटी के अध्यक्ष मोहनलाल इंदोलिया ने बताया कि सिविल लाइंस क्षेत्र शहर का एक प्रमुख और पॉश आवासीय इलाका माना जाता है। इस क्षेत्र में विधायक, जिला कलेक्टर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य नागरिक निवास करते हैं। इसके बावजूद क्षेत्र के लोग लंबे समय से गंदे पानी और बदबू की समस्या से जूझ रहे हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन में बताया गया है कि सिविल लाइंस क्षेत्र के समीप ओवर ब्रिज के पास गंदे पानी का एक बड़ा कुंड बना हुआ है, जिसमें शहर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्र का दूषित पानी एकत्रित होता है। बरसात के दिनों में इस कुंड के ओवरफ्लो होने या इसके बांध के टूटने का खतरा लगातार बना रहता है। पिछले वर्ष भारी वर्षा के दौरान इस कुंड का बांध टूट गया था, जिससे गंदा पानी सिविल लाइंस क्षेत्र में फैल गया और पूरे इलाके में अत्यंत दुर्गंधयुक्त वातावरण बन गया था। इस घटना से कई मकानों को भी नुकसान पहुंचा था तथा गंदे पानी के कारण स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी उत्पन्न हो गए थे। लंबे समय तक क्षेत्रवासी इस समस्या से परेशान रहे। इसके अलावा पास के औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाला दूषित पानी और बदबूदार हवा भी स्थिति को और अधिक खराब कर रही है। सोसायटी के पदाधिकारियों का कहना है कि इस समस्या के कारण सिविल लाइंस क्षेत्र के निवासियों का सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है और लोगों को स्वच्छ वातावरण से वंचित होना पड़ रहा है। ज्ञापन में मांग की गई है कि गंदे पानी के इस कुंड को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए अथवा इसकी उचित मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कराया जाए ताकि भविष्य में बरसात के दौरान बांध टूटने जैसी स्थिति उत्पन्न न हो। इसके साथ ही गंदे पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था करने तथा औद्योगिक क्षेत्र से आने वाले दूषित पानी और बदबू की समस्या का भी प्रभावी समाधान करने की मांग की गई है। सोसायटी के सचिव प्रेम सिंह राघव ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार इस गंभीर समस्या पर शीघ्र ध्यान देकर आवश्यक कार्रवाई करेगी, जिससे सिविल लाइंस क्षेत्र के निवासियों को राहत मिल सके और इलाके में स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
