हनुमानगढ़। आमजन को सुरक्षित, पौष्टिक एवं स्वस्थ खान-पान के प्रति जागरूक करने के लिए शनिवार से ‘सही खान-पान, स्वस्थ राजस्थान’ अभियान का आगाज हुआ। 16 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान के तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जिला मुख्यालय पर अभियान की शुरुआत जंक्शन स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय से हुई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में खाद्य सुरक्षा दल ने छात्राओं को दिनचर्या में किस प्रकार के खाद्य पदार्थांे को शामिल करना चाहिए, इसकी जानकारी दी। बाजार में हेल्दी फूड के नाम पर बिकने वाले पैकेटबंद खाद्य पदार्थांे से सावधान रहने की सलाह दी गई। इस दौरान सीएमएचओ ने विद्यालय के मिड-डे मील की भी जांच की। सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देशानुसार जिला कलक्टर के नेतृत्व में ‘ईट राइट स्कूल्सÓ अभियान चलाया जा रहा है। इसकी थीम ‘सही खान-पान, स्वस्थ राजस्थानÓ रखी गई है। शनिवार को राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में खाद्य सुरक्षा दल की ओर से छात्राओं को जागरूक करने के लिए विभिन्न टास्क करवाए गए। उन्होंने बताया कि छात्राओं को खाद्य पदार्थांे के पैकेट पर लिखे फूड लेबल की रीडिंग, हेल्दी टिफिन तैयार करने तथा सही तरीके से हाथ धोने की तकनीक के बारे में जानकारी दी गई। एक छात्रा को ‘ईट राइट स्कूलÓ की ब्रांड एम्बेसडर भी बनाया गया। इसके अलावा मिड-डे मील का फूड रजिस्ट्रेशन, भोजन से जुड़ी सावधानियों तथा खाद्य पदार्थ खरीदते समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी बताया गया। सीएमएचओ ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को स्वस्थ एवं पौष्टिक भोजन के प्रति जागरूक करना है, ताकि बच्चे स्वस्थ रहें और स्वस्थ राजस्थान की दिशा में आगे बढ़ा जा सके। छात्राओं को बताया गया कि उनकी थाली और टिफिन में पौष्टिक एवं संतुलित भोजन किस प्रकार शामिल किया जा सकता है। विद्यालय के उप प्रधानाचार्य ओमप्रकाश नांदेवाल ने कहा कि छोटे बच्चे जंक फूड की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं, जिसके कारण वे कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का शिकार हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे हेल्दी फूड के बजाय पैकेटबंद एवं रासायनिक खाद्य पदार्थांे की ओर आकर्षित हो रहे हैं। ऐसे में ‘ईट राइटÓ अभियान बच्चों को सही खान-पान के प्रति जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
