चारणवासी। हल्की बारिश के बाद चली शीतलहर के बीच शनिवार का दिन सीजन का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। शनिवार अल सुबह खेतों में नजारा किसी पहाड़ी इलाके जैसा था, जहां चारों ओर बर्फ की सफेद परत जमी नजर आई। आसपास के गांवों में बर्फ जमने से कड़ाके की सर्दी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। खेतों के रास्तों, खालों और तूड़ी के ढेरों पर बर्फ की मोटी परत जम गई। हालत यह थी कि पशुओं के हरे चारे पर भी बर्फ जमी हुई थी, सबसे ज्यादा चिंता सरसों और चने की फसल को लेकर है। छोटे चने के पौधे पूरी तरह बर्फ में लिपटे नजर आए, जिससे उनके झुलसने का खतरा बढ़ गया है। सुबह सरसों की फसल सहम कर झुक चुकी थी हरा पशु चारा बर्फ के प्रभाव से जमीन पर लेट गया,किसानों का कहना है कि ऐसे पाला पड़ने से सरसों की फलियों में दाना सिकुड़ सकता है, जिससे पैदावार में भारी गिरावट की आशंका है। बर्फ जमी होने के कारण सूर्योदय जल्दी होने से लोगों को कुछ राहत मिली लेकिन दिन भर शीतलहर का दौर जारी रहने से धूप में भी धुजणी छुटती रही।
