हनुमानगढ़। शहर में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक गंभीर आपराधिक घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 24 फरवरी 2026 को हुई फायरिंग की वारदात के संबंध में की गई, जिसमें एक युवक घायल हो गया था। पुलिस ने त्वरित जांच, सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी व मानवीय सूचना के आधार पर आरोपियों को दबोचने में सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार 24 फरवरी 2026 को परिवादी श्री लालचंद उर्फ लाल (पुत्र फूंसाराम जाट, उम्र 42 वर्ष, निवासी चक 07 एसएसएल 19 पीजी, तलवाड़ा हाल जेरू इलाका, राजकीय चिकित्सालय हनुमानगढ़ टाउन) ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। परिवादी ने बताया कि उसका भतीजा संजीव जाट (पुत्र साधुराम जाट, निवासी गण चक 19 पीजी) 23 फरवरी की रात करीब 4:15 बजे घर से मोटरसाइकिल पर निकला था। इसी दौरान रास्ते में तीन युवकों ने उसे रोका, मोटरसाइकिल तेज गति से चलाते हुए उसके ऊपर फायरिंग कर दी। फायरिंग में संजीव के दाहिने पैर के घुटने के पास गोली लगने से गंभीर चोट आई। घटना के बाद घायल को परिजनों द्वारा तत्काल सरकारी अस्पताल हनुमानगढ़ टाउन पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज शुरू किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं एवं आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच प्रारंभ की। घटना की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए उच्च अधिकारियों के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तकनीकी विश्लेषण किया तथा स्थानीय स्तर पर मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी इंसाफ उर्फ चापड़ (पुत्र नूर मोहम्मद हाजी, उम्र 40 वर्ष, निवासी ढाणी चक 1 एल, रंजीतपुरा, पीएस हनुमानगढ़ टाउन) तथा याकूब हुसैन उर्फ बोगी (पुत्र इसाक मोहम्मद, उम्र 35 वर्ष, निवासी ढाणी चक 9 आर पी, रंजीतपुरा, पीएस हनुमानगढ़ टाउन) को दस्तयाब कर गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त एक देसी पिस्टल (टोपेदार बंदूक) तथा घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को भी बरामद कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज हैं, जिससे उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि की पुष्टि होती है। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस टीम ने तत्परता और पेशेवर कार्यशैली का परिचय दिया। जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वारदात के पीछे कोई पुरानी रंजिश थी या इसके तार किसी अन्य आपराधिक गतिविधि से जुड़े हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि घटना में कोई अन्य व्यक्ति शामिल तो नहीं था। पुलिस अधीक्षक ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आमजन से भी अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते अपराध पर अंकुश लगाया जा सके। फिलहाल, पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया है और आगे की जांच जारी है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में दहशत फैलाने वाले असामाजिक तत्वों को स्पष्ट संदेश गया है कि कानून तोड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
