हनुमानगढ़। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की हनुमानगढ़ शाखा की ओर से शुक्रवार को ग्राम पंचायत मक्कासर के पंचायत भवन परिसर में किसान मेला आयोजित किया गया। शाखा स्तर पर यह पहला आयोजन रहा, जिसमें किसानों के लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपए के ऋण स्वीकृत किए गए।

बैंक अधिकारियों ने पात्र किसानों को मौके पर ही सेंक्शन लेटर वितरित किए। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, जोधपुर के चीफ मैनेजर सुशील कुमार ने बताया कि बैंक किसानों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहयोग प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत किसानों को रबी और खरीफ फसलों के लिए ऋण दिया जाता है। साथ ही फसल खर्च के लिए भी राशि उपलब्ध करवाई जाती है।

पशुपालन के लिए भी विशेष ऋण सुविधा प्रदान की जा रही है। भारत सरकार की ओर से पात्र पशुपालकों को सब्सिडी का लाभ भी दिया जाता है, जिससे पशुपालन किसानों की आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन रहा है।

बैंक की ओर से ट्रैक्टर खरीदने, डिग्गी खुदवाने, खेतों का समतलीकरण, तारबंदी आदि कृषि कार्यांे के लिए भी ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अलावा यदि कोई किसान अपनी उपज के लिए बड़ा मार्केटिंग नेटवर्क स्थापित करना चाहता है या फैक्ट्री लगाना चाहता है, तो उसे एग्री इन्फ्रा योजना के तहत ऋण दिया जाता है। यह भारत सरकार की योजना है, जिसमें ऋण पर सब्सिडी का प्रावधान है।

सुशील कुमार ने बताया कि किसानों को इन सभी योजनाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से यह आउटरीच कैम्प आयोजित किया गया। बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय जोधपुर के डिप्टी रिजनल हेड रामजीलाल मीणा ने बताया कि इसी प्रकार के किसान मेले अन्य जिलों में भी आयोजित किए जाएंगे।

शनिवार को श्रीगंगानगर में भी मेला आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया देश का चौथा सबसे बड़ा सरकारी बैंक है और अब बैंक स्वयं किसानों के द्वार तक पहुंचकर ऋण स्वीकृत कर रहा है। किसानों को अब ऋण के लिए बार-बार चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने अधिक से अधिक किसानों से बैंक से जुड़कर सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।
