हनुमानगढ़। अणुव्रत समिति की ओर से अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के तहत मंगलवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, धोलीपाल में अनुशासन चेतना दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अनुशासन, आत्मसंयम, समय की पाबंदी, जिम्मेदारी और नैतिक जीवन के महत्व की जानकारी देते हुए संयमित एवं नैतिक जीवन अपनाने का संकल्प दिलाया गया। धोलीपाल उपसभा संयोजक राजकुमार बांठिया ने विद्यार्थियों को अणुव्रत आंदोलन के विभिन्न संकल्पों की जानकारी दी तथा दैनिक जीवन में इनके पालन का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि अणुव्रत के छोटे-छोटे संकल्प व्यक्ति के आचरण में सकारात्मक बदलाव लाने और जीवन को संयमित बनाने का माध्यम बन सकते हैं। अणुव्रत समिति अध्यक्ष सुभाष बांठिया ने कहा कि अणुव्रत का उद्देश्य व्यक्ति के चरित्र निर्माण के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन की दिशा में कार्य करना है। युवक परिषद अध्यक्ष गौरव जैन ने विद्यार्थियों को अनुशासन और समय की पाबंदी का महत्व समझाया। अणुव्रत समिति मंत्री आनंद जैन ने कहा कि सफलता के लिए अनुशासन, नियमित अध्ययन, समय एवं साधनों का उचित उपयोग, परिश्रम और निरंतर समर्पण आवश्यक है। धोलीपाल गौ सेवा समिति अध्यक्ष राजेंद्र सुथार ने विद्यार्थियों को जिम्मेदारी और अच्छे आचरण की सीख दी। विद्यालय प्रधानाचार्य ने कहा कि अनुशासन का अर्थ स्वयं पर नियंत्रण रखते हुए अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासित जीवन अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जंक्शन सभा अध्यक्ष हरीश दफ्तरी, सदस्य शांतिलाल बैद, अणुव्रत उपाध्यक्ष प्रेम दफ्तरी, कोषाध्यक्ष अजय पारख, धोलीपाल तेरापंथ सभा से बाबूलाल बांठिया, मदन नाहटा, प्रवीण गोलछा, अशोक बांठिया, अरविंद जैन, सन्यास आश्रम समिति के सदस्य, गणमान्य नागरिक, विद्यालय के शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे। ‘निज पर शासन, फिर अनुशासन’ के संदेश के साथ आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सफलता के साथ चरित्र, संयम और जिम्मेदारी को भी जीवन में समान महत्व देने की प्रेरणा दी गई।
