हनुमानगढ़। पोक्सो कोर्ट ने दुष्कर्म एवं पोक्सो एक्ट के एक मामले में गांव धोलीपाल निवासी आरोपी लालचंद को बरी कर दिया। अदालत से राहत मिलने के बाद गुरुवार को लालचंद मीडिया के सामने आए और इसे सच्चाई की जीत बताया। लालचंद ने कहा कि 23 अक्टूबर 2024 को उनके खिलाफ राजनीतिक रंजिश के चलते धारा 376 और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उनकी राजनीतिक छवि खराब करने के उद्देश्य से षड्यंत्रपूर्वक उन्हें झूठे मामले में फंसाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि उन्हें शुरू से ही न्यायपालिका और भारतीय संविधान पर पूरा भरोसा था तथा विश्वास था कि अंतत: सच्चाई की जीत होगी। बुधवार को पोक्सो कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया। लालचंद ने बताया कि इस मामले के दौरान लगे सदमे के कारण उनके बड़े पापा को हार्ट अटैक आया था, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में उनके परिवार को मानसिक और सामाजिक रूप से काफी परेशानी झेलनी पड़ी। उन्होंने कहा कि वे हनुमानगढ़ विधानसभा क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी के अध्यक्ष रहे हैं और विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। उनके छोटे भाई ने धोलीपाल से सामान्य सीट पर सरपंच चुनाव लड़ा था, जबकि उनके पिता वर्ष 2005 में पंचायत समिति सदस्य का चुनाव जीत चुके हैं। लालचंद ने कहा कि वे गरीब और दलित परिवार से आते हैं तथा जैसे-जैसे उनकी राजनीतिक पहचान बढ़ने लगी, वैसे-वैसे विरोधियों ने उन्हें बदनाम करने के लिए इस तरह के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि न्यायालय के फैसले ने “दूध का दूध और पानी का पानी” कर दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि किसी को राजनीतिक विरोध करना है तो लोकतांत्रिक तरीके से राजनीति के मैदान में करे, न कि झूठे मामलों में फंसाने जैसी हरकतें करे। लालचंद ने कहा कि वे अब दोबारा समाजसेवा शुरू करेंगे और अपनी छवि को फिर से मजबूत बनाएंगे। साथ ही उन्हें झूठे मामले में फंसाने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कानूनी लड़ाई भी लड़ेंगे।
