हनुमानगढ़। खाद्य एवं पोषण सुरक्षा पौष्टिक अनाज योजना के तहत शुक्रवार को कार्यालय संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), जिला परिषद हनुमानगढ़ के आत्मा सभागार में एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में अधिकारियों, कृषि विशेषज्ञों और किसानों ने हिस्सा लिया। इसमें पौष्टिक अनाज यानी मिलेट्स के महत्व, उत्पादन, पोषण मूल्य, मूल्य संवर्धन और दैनिक आहार में इनके उपयोग को लेकर जागरूक किया गया। कार्यशाला में अतिरिक्त निदेशक कृषि (खंड) श्रीगंगानगर हरबंस सिंह, संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) यशवंती, उपनिदेशक कृषि एवं पदेन परियोजना निदेशक सुभाषचंद्र डूडी, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. राधेश्याम पारीक, रामप्रताप गोदारा, राकेश कुमार, कृषि अनुसंधान अधिकारी राजेंद्र बेनीवाल, डॉ. राधेश्याम सिहाग, डॉ. बलवान सिंह, कृषि अधिकारी कुलवंत सिंह सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी और किसान मौजूद रहे। संयुक्त निदेशक कृषि यशवंती ने कहा कि भागदौड़ भरी जीवनशैली में स्वस्थ रहना चुनौती बनता जा रहा है।

ऐसे में ऐसा भोजन जरूरी है, जो संतुलित होने के साथ शरीर को आवश्यक पोषण भी दे। उन्होंने किसानों और आमजन से बाजरा, ज्वार, रागी, सांवा, कोदो और कुटकी जैसे पौष्टिक अनाज को भोजन में शामिल करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि इन अनाजों में पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं और ये कुपोषण, मोटापा, हृदय रोग तथा मधुमेह से बचाव में सहायक हो सकते हैं। कार्यशाला में बताया गया कि मिलेट्स में मुख्य रूप से बाजरा और ज्वार की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। बाजरा के क्षेत्रफल एवं उत्पादन में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है। देश में बाजरा के कुल क्षेत्रफल में राजस्थान की हिस्सेदारी करीब 57.10 प्रतिशत, जबकि उत्पादन में करीब 41.71 प्रतिशत है। मिलेट्स के कुल क्षेत्रफल के मामले में भी राजस्थान अग्रणी राज्य है।

ब्लॉक स्तर पर होंगे रोड शो
डॉ. राधेश्याम पारीक ने मिलेट्स फसलों की शस्य क्रियाओं, पोषण मूल्य एवं कटाई के बाद प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। कृषि अनुसंधान अधिकारी (शस्य) राजेंद्र कुमार ने बताया कि पौष्टिक अनाजों का उत्पादन बढ़ाने, मूल्य संवर्धन तथा इनके उत्पादों के घरेलू उपयोग को बढ़ावा देने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके तहत सुसज्जित वाहनों पर बैनर, स्पीकर और माइक के माध्यम से योजना एवं मिलेट्स के लाभों की जानकारी दी जाएगी। जिले में मिलेट्स की खपत बढ़ाने और इनके स्वास्थ्यप्रद लाभों को लोकप्रिय बनाने के लिए आगामी दिनों में प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर रोड शो आयोजित किए जाएंगे। इनमें अधिक से अधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। अतिरिक्त निदेशक कृषि हरबंस सिंह ने अधिकारियों, कर्मचारियों और किसानों से मिलेट्स फसलों की बुवाई को बढ़ावा देने के साथ इन्हें दैनिक जीवन और खान-पान का हिस्सा बनाने का आग्रह किया।
