हनुमानगढ़। आरएमएम 2026-27 के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद में अव्यवस्थाओं और मजदूरी बकाया को लेकर धानका तोला मजदूर संस्था, हनुमानगढ़ टाउन ने सोमवार को भारतीय खाद्य निगम, जयपुर के महाप्रबंधक (क्षेत्र) को ज्ञापन प्रेषित किया। संस्था अध्यक्ष चिरंजीलाल ने बताया कि गेहूं की खरीद के दौरान अत्यंत खराब, कटा-फटा एवं थर्ड श्रेणी के बारदाने का उपयोग किया जा रहा है, जिससे लगातार समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। मजदूरों को 20 अप्रैल से खराब बारदाने की सिलाई कर गेहूं भरने का कार्य करना पड़ रहा है, जिसकी प्रति कट्टा मजदूरी मात्र 1 रुपए 20 पैसे बनती है, जबकि कुल मिलाकर यह राशि लाखों में पहुंचती है। मजदूरों ने आरोप लगाया कि मंडी से वेयरहाउस तक गेहूं से भरे कट्टे ट्रकों में ले जाते समय खराब बारदाने के कारण कट्टे फट जाते हैं और गेहूं बिखर जाता है। ऐसे में मजदूरों को दोबारा ट्रकों से गेहूं भरकर कट्टों में डालना पड़ता है, जिसकी मजदूरी 17 रुपए प्रति कट्टा निर्धारित है। इसके अलावा करीब 2 लाख कट्टों को खाली पलटने (अंदर वाले हिस्से को बाहर निकालने) का कार्य भी मजदूरों की ओर से किया गया, जिसकी मजदूरी 1 रुपए प्रति कट्टा है। मजदूरों का कहना है कि अब तक ठेकेदार द्वारा उनकी मेहनत की मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। मजदूर संस्था ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी पूरी मजदूरी का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक वे कार्य का बहिष्कार करते हुए हड़ताल पर रहेंगे। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान कराने और मजदूरों का बकाया भुगतान दिलाने की मांग की है। संस्था की ओर से फूडग्रेन मर्चंेट्स एसोसिएशन संस्था अध्यक्ष को भी इस संबंध में ज्ञापन सौंपा।
