टिब्बी। कस्बे स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केंद्र में गुरुवार को संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी जानकी का छठा पुण्य स्मृति दिवस श्रद्धा और भावपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में साधक-साध्वियों, गणमान्य नागरिकों व अतिथियों ने दादी जानकी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में सेवा केंद्र प्रभारी बीके अनिता बहन ने दादी जानकी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका सादा जीवन, उच्च विचार और परमात्मा से जुड़ी हुई आध्यात्मिक अवस्था हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने बताया कि दादी जानकी ने समाज सेवा को अपना जीवन समर्पित करते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण और आध्यात्मिक जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए। बीके अनिता बहन ने कहा कि दादी जानकी का संपूर्ण जीवन त्याग, तपस्या और ईश्वरीय सेवा का अद्भुत उदाहरण रहा। वे केवल एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक ही नहीं बल्कि सादगी और सकारात्मकता की प्रतिमूर्ति थीं, जिन्होंने अपने आचरण और विचारों से करोड़ों लोगों के जीवन में परिवर्तन की प्रेरणा जगाई। उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि सभी को दादी जानकी के बताए जीवन मूल्यों को अपनाकर समाज में शांति, प्रेम और सद्भाव का संदेश फैलाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान दादी जानकी के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंग भी साझा किए गए। बताया गया कि उनके नाम दुनिया की सबसे स्थिर मन वाली महिला होने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। अमेरिका के टेक्सास मेडिकल एंड साइंस इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए परीक्षण के बाद उन्हें “मोस्ट स्टेबल माइंड ऑफ द वर्ल्ड” की उपाधि दी गई थी। दादी जानकी ने मात्र 21 वर्ष की आयु में अध्यात्म का मार्ग अपनाकर 100 से अधिक देशों में भारतीय संस्कृति और राजयोग का संदेश फैलाया। समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने में योगदान के लिए उन्हें स्वच्छ भारत मिशन का ब्रांड एंबेसडर भी बनाया गया था। इस अवसर पर पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि कुलवंत सुथार, गोविंद कुमार, जसवीर सिंह सोनी, सुरेंद्र कुमार, रणजीत सिंह, रोशन कुमार, खिराज सिंह, लालचंद सैनी तथा लाधू सिंह महला सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
संवाददाता- प्रभु राम
