हनुमानगढ़। जाट आरक्षण के मुद्दे पर 4 अक्टूबर को मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना स्थित डीएवी इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित महासम्मेलन के दौरान हुई कहासुनी के बाद अंतरराष्ट्रीय जाट संसद महिला मोर्चा की प्रदेश संयोजक किरण जान्दू ने अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी दांतल के रुख का समर्थन किया है। महासम्मेलन में केन्द्र की ओबीसी सूची में जाट समाज को शामिल करने की मांग को लेकर आरक्षण आंदोलन को नए सिरे से आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया था। कार्यक्रम के दौरान अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय संयोजक यशपाल मलिक के संबोधन में आरक्षण आंदोलन के दौरान दिल्ली में पैर रखने से संबंधित टिप्पणी पर मनु दांतल ने आपत्ति जताई। इसे लेकर दोनों नेताओं के बीच मंच पर कुछ देर कहासुनी हुई, जिसके बाद मनु दांतल अपने सहयोगियों के साथ मंच से उठकर चले गए। बाद में मनु दांतल ने कहा कि गलत बात को दोहराना उचित नहीं है और पहले हुई गलतियों को दोबारा नहीं दोहराया जाना चाहिए। घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए किरण जान्दू ने कहा कि जाट आरक्षण केवल एक मांग नहीं, बल्कि समाज के वर्षांे के संघर्ष और भावनाओं से जुड़ा विषय है। ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर इतिहास और तथ्यों का सही संदर्भ सामने रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मनु दांतल ने विवाद बढ़ाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि गलत तथ्य दोहराए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा कि विचारों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन समाज और संगठन की एकजुटता बनी रहनी चाहिए। आरक्षण के संघर्ष को कमजोर करने के बजाय सही तथ्यों के साथ मजबूती से आगे बढ़ाने की जरूरत है। किरण जान्दू ने कहा कि वह हरियाणा की बेटी हैं, सिरसा जिले से हैं और राजस्थान की बहू हैं। उन्होंने हरियाणा में अपने बहुत से भाइयों को जाट आरक्षण के लिए बलिदान देते हुए देखा है। उनसे ज्यादा इस दर्द का भुक्तभोगी कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि आरक्षण सहित समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखना सामाजिक नेतृत्व का अधिकार है। मतभेदों का समाधान संवाद के माध्यम से होना चाहिए, लेकिन संगठनात्मक एकजुटता, आपसी सम्मान और समाजहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
