– भीषण गर्मी में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग पानी के लिए भटकने को मजबूर
हनुमानगढ़। भीषण गर्मी के बीच जिला मुख्यालय स्थित महिला पुलिस थाना में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। थाना परिसर के भीतर और बाहर लगे दोनों वाटर कूलर लंबे समय से बंद पड़े होने के कारण रोजाना अपनी शिकायत लेकर आने वाले परिवादियों, उनके परिजनों, बच्चों और बुजुर्गांे को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को या तो आसपास से पानी लाना पड़ता है या फिर खरीदकर प्यास बुझानी पड़ रही है। शुक्रवार को थाना पहुंचे आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष रेवंतराम पंवार ने यह मुद्दा उठाते हुए बताया कि महिला पुलिस थाना में जिलेभर से प्रतिदिन बड़ी संख्या में परिवादी पहुंचते हैं। भीषण गर्मी के बावजूद थाना परिसर में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने से आमजन परेशान हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को पहले से इस समस्या की जानकारी है, वे अपने साथ पानी की बोतल लेकर आने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि केवल परिवादी ही नहीं, बल्कि थाना में कार्यरत पुलिस कार्मिक भी अन्य स्थानों से पानी लाकर अपनी जरूरत पूरी कर रहे हैं।

इसके बावजूद थाना प्रशासन की ओर से खराब पड़े वाटर कूलरों को ठीक करवाने या वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यह स्थिति तब है, जब पुलिस के उच्चाधिकारी आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दे चुके हैं। रेवंतराम पंवार ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि महिला पुलिस थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएं, ताकि शिकायत लेकर आने वाले लोगों को मूलभूत सुविधा के लिए परेशान न होना पड़े। थाना परिसर के बाहर चाय का खोखा संचालित करने वाले लक्ष्मण ने बताया कि वह अक्सर महिला थाना आने वाले परिवादियों के लिए पास स्थित पीआरओ कार्यालय सहित अन्य स्थानों से पानी लाकर उपलब्ध कराता है। उन्होंने बताया कि थाना के बाहर लगा वाटर कूलर करीब दो माह से खराब पड़ा है। वाटर कूलर का रख-रखाव करने वाले लोगों को अवगत कराने के बावजूद अब तक उसकी मरम्मत नहीं करवाई गई। पहले पानी की टंकी में लीकेज की समस्या थी, जिसे ठीक कराया गया, लेकिन बाद में मोटर खराब हो गई और तब से पेयजल व्यवस्था ठप पड़ी हुई है। ऐसी स्थिति में गर्मी के मौसम में थाना आने वाले लोगों को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
