– करीब एक हजार वरिष्ठ नागरिकों ने किया प्रस्थान, आठ दिन की यात्रा में मदुरैई और रामेश्वरम् के होंगे दर्शन
हनुमानगढ़। राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत शुक्रवार को हनुमानगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन से वरिष्ठ नागरिकों को रामेश्वरम् तीर्थ यात्रा के लिए वातानुकूलित ट्रेन रवाना की गई। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू, ओम सोनी और देवस्थान विभाग के अधिकारियों ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस ट्रेन में हनुमानगढ़ से 470 तथा सूरतगढ़ रेलवे स्टेशन से 500 यात्री तीर्थ यात्रा के लिए रवाना हुए। इस प्रकार करीब एक हजार वरिष्ठ नागरिक आठ दिवसीय तीर्थ यात्रा पर निकले हैं। यात्रा के दौरान तीर्थ यात्रियों को सुबह का नाश्ता, दोपहर का भोजन, मिनरल वाटर, रात्रि का भोजन और ठहरने की व्यवस्था नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जाएगी। यात्रा के दौरान सर्वप्रथम यात्रियों को मदुरैई के दर्शन करवाए जाएंगे। इसके बाद रामेश्वरम् के दर्शन करवाए जाएंगे। आठ दिन की यात्रा पूरी होने के बाद ट्रेन वापस हनुमानगढ़ पहुंचेगी। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू ने हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर जिले के वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ यात्रा करवाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक किसी न किसी कारण से तीर्थ यात्रा करने में असमर्थ रहते हैं। ऐसे में राज्य सरकार की ओर से योजना बनाकर उन्हें नि:शुल्क तीर्थ यात्रा करवाना सराहनीय पहल है। इससे वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ स्थलों के दर्शन करने का अवसर मिल रहा है। देवस्थान विभाग के सहायक लेखाधिकारी अजय धूड़िया ने बताया कि पहले तीर्थ यात्रा के लिए रवाना होने वाली ट्रेन का आधा हिस्सा हनुमानगढ़, आधा बीकानेर तथा कुछ अन्य स्थानों के यात्रियों के लिए निर्धारित रहता था। लेकिन इस बार पहली बार देवस्थान विभाग की ओर से हनुमानगढ़ के लिए पूरी ट्रेन रवाना की गई है। इसमें करीब एक हजार यात्री यात्रा पर निकले हैं। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए ट्रेन के प्रत्येक कोच में दो सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा चिकित्सकों की टीम भी साथ रवाना हुई है, जिसके पास सभी आवश्यक दवाइयां उपलब्ध हैं। प्रत्येक कोच में आईआरसीटीसी के दो कर्मचारी भी यात्रियों की व्यवस्थाओं का ध्यान रखेंगे। धूड़िया ने कहा कि राजस्थान सरकार श्रवण बनकर वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ यात्रा करवा रही है, जिससे बुजुर्गांे को धार्मिक स्थलों के दर्शन करने का अवसर मिल रहा है।
