हनुमानगढ़। राजस्थान में लंपी रोग के चलते पशु मेलों एवं पशुओं के क्रय-विक्रय पर लगाई गई रोक को हटाने की मांग उठने लगी है। इस संबंध में पशु व्यवसाय से जुड़े लोगों ने सोमवार जिला कलक्टर के माध्यम से राजस्थान सरकार को ज्ञापन भेजकर वर्तमान में लंपी रोग की स्थिति की पशुपालन विभाग से समीक्षा करवाने तथा संक्रमण की स्थिति एवं विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप पशु मेलों को पुन: शुरू करने की अनुमति देने की मांग की गई। पशु व्यवसाय से जुड़े लोगों ने कहा कि पशु मेलों पर लंबे समय से लगी रोक के कारण पशुपालकों को अपने पशुओं की खरीद-बिक्री में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पशु व्यापारियों, पशु मंडी संचालकों, मजदूरों एवं पशु व्यवसाय से जुड़े हजारों परिवारों की आजीविका भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने पशुपालन एवं पशु व्यापार को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए रोक हटाने की मांग की। साथ ही सुझाव दिया कि पशु मेलों को दोबारा शुरू करते समय पशुओं की स्वास्थ्य जांच, बीमार पशुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध, पशु चिकित्सा प्रमाण-पत्र तथा नियमित साफ-सफाई जैसी आवश्यक सावधानियां अनिवार्य रूप से लागू की जा सकती हैं। ज्ञापन के माध्यम से सरकार से पशुपालकों, पशु व्यापारियों एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था के हितों को ध्यान में रखते हुए पशु मेलों पर लगी रोक हटाने तथा आवश्यक सुरक्षा नियमों के साथ मेलों को पुन: शुरू करवाने के लिए उचित कार्यवाही करने की पुरजोर मांग की गई।
