हनुमानगढ़। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय के फॉरेंसिक साइंस एवं साइबर फॉरेंसिक विभाग की ओर से 15 से 19 सितंबर तक आयोजित नेशनल फॉरेंसिक साइंस वीक 2026 का मंगलवार को शुभारंभ हुआ। छात्र कल्याण क्लब ‘स्पंदनÓ के अंतर्गत संचालित नव प्रविधि क्लब के सौजन्य से आयोजित पांच दिवसीय कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए विभिन्न शैक्षणिक एवं व्यावहारिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद बिश्नोई तथा श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा रहे। कार्यक्रम में फॉरेंसिक साइंस विभाग के विद्यार्थियों ने क्राइम सीन का प्रभावी डेमो प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने अपराध स्थल से साक्ष्यों के वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण और जांच की प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से प्रदर्शित किया। डेमो को अतिथियों और उपस्थितजनों ने सराहा। एएसपी अरविंद बिश्नोई ने विद्यार्थियों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि फॉरेंसिक के विद्यार्थियों ने बेहतरीन डेमो प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक साइंस का भविष्य बेहद उज्ज्वल है और राजस्थान में जहां भी यह टीम जाएगी, पुलिस के लिए उपयोगी साबित होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से लक्ष्य निर्धारित कर सही दिशा में मेहनत करने का आह्वान किया। ट्रस्ट अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि वर्तमान समय में अपराधों की जांच में फॉरेंसिक साइंस एवं साइबर फॉरेंसिक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित जांच से अपराध की वास्तविकता तक पहुंचने में मदद मिलती है। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिले, ताकि वे भविष्य में कानून व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन वरुण यादव ने फॉरेंसिक साइंस को युवाओं के लिए तेजी से उभरता करियर क्षेत्र बताया। एमडी दिनेश कुमार जुनेजा ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीकी एवं व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने फॉरेंसिक साइंस वीक को वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान क्षमता और व्यावहारिक कौशल विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
वर्कशॉप, वेबिनार और क्विज प्रतियोगिता होंगी
विभागाध्यक्ष शालिनी चौहान ने बताया कि फॉरेंसिक साइंस वीक के तहत फॉरेंसिक साइंस वर्कशॉप, विशेषज्ञ वेबिनार, क्विज प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विशेषज्ञ वेबिनार में डॉ. अनु सिंगला, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी तथा सोनू मौर्या, वैज्ञानिक-बी, नारकोटिक्स, केन्द्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल), गुवाहाटी विद्यार्थियों को फॉरेंसिक साइंस के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देंगे। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर प्रो. (डॉ.) अमरजीत सिंह, रजिस्ट्रार डॉ. मयंक माथुर, आईक्यूएसी निदेशक डॉ. अवधेश शर्मा, डॉ. विक्रम सिंह औलख, ऋषि कुमार सहित विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य मौजूद रहे। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। मंच संचालन कनिका ने किया।
