टिब्बी। शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहीदी दिवस पर सोमवार को टिब्बी कस्बा एक बार फिर आंदोलन की तपिश से गरमा गया। ‘इथेनॉल फैक्ट्री हटाओ-क्षेत्र बचाओ संघर्ष समिति’ के आह्वान पर क्षेत्र के सैकड़ों किसानों, युवाओं और आम नागरिकों ने एकजुट होकर प्रस्तावित इथेनॉल फैक्ट्री के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे आने वाली पीढ़ियों के भविष्य और क्षेत्र के पर्यावरण के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
विशाल जुलूस के साथ शहीदों को नमन
संघर्ष समिति के नेतृत्व में क्षेत्र के लोग सुबह श्री गुरुद्वारा सिंह सभा में एकत्रित हुए। यहां से एक विशाल आक्रोश जुलूस निकाला गया, जो कस्बे के विभिन्न मार्गों से होते हुए पुलिस थाने के सामने से गुजरकर मुख्य बाजार पहुंचा। जुलूस के दौरान प्रदर्शनकारियों ने इंकलाब जिंदाबाद और पर्यावरण बचाओ जैसे नारों से पूरे कस्बे को गुंजायमान कर दिया। मुख्य बाजार में पहुंचकर आंदोलनकारियों ने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और शहीद-ए-आजम भगत सिंह की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने कहा कि देश के इन महान क्रांतिकारियों के बलिदान से प्रेरणा लेकर ही वे अपने अधिकारों और क्षेत्र की सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहीदों की शहादत हमें अन्याय के खिलाफ खड़े होने की ताकत देती है।

जल, जमीन और हवा को प्रदूषित नहीं होने देंगे
सभा को संबोधित करते हुए संघर्ष समिति के नेताओं और किसान प्रतिनिधियों ने प्रस्तावित इथेनॉल फैक्ट्री से होने वाले संभावित दुष्प्रभावों को लेकर चिंता व्यक्त की। वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन केवल किसानों की जमीन बचाने का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की पर्यावरणीय सुरक्षा का सवाल है। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री से निकलने वाला रासायनिक अपशिष्ट भूजल को दूषित कर सकता है, जिससे खेती और पेयजल दोनों प्रभावित होंगे। वहीं फैक्ट्री की चिमनियों से निकलने वाला धुआं वातावरण को प्रदूषित करेगा, जिससे आसपास के गांवों के लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ेगा। संघर्ष समिति ने दो टूक कहा कि वे अपने इलाके की जल, जमीन और हवा को किसी भी कीमत पर प्रदूषित नहीं होने देंगे और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
एमओयू रद्द करने और मुकदमे वापस लेने की मांग
संघर्ष समिति ने सरकार और प्रशासन के सामने अपनी मांगें दोहराते हुए कहा कि जब तक सरकार इस विवादित इथेनॉल फैक्ट्री से संबंधित एमओयू को रद्द नहीं करती और आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज किए गए सभी पुलिस मुकदमे वापस नहीं लिए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। समिति के नेताओं ने कहा कि किसानों और ग्रामीणों की सहमति के बिना क्षेत्र में किसी भी औद्योगिक परियोजना को लागू करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने सरकार से संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील भी की, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

प्रशासन सतर्क, भारी पुलिस बल तैनात
10 दिसंबर 2025 को राठी खेड़ा के चक 5 आरके में प्रस्तावित फैक्ट्री स्थल पर हुई तोड़फोड़ और आगजनी की घटना को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद बिश्नोई के नेतृत्व में क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके और कानून-व्यवस्था बनी रहे। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन किसानों ने प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पिछली महापंचायतों के बाद हुई वार्ता में निर्माण कार्य फिलहाल बंद रखने पर सहमति बनी थी, लेकिन हाल ही में फैक्ट्री स्थल पर जमीन समतल करने जैसी गतिविधियां फिर से शुरू कर दी गई हैं। संघर्ष समिति ने इसे समझौते का उल्लंघन बताते हुए तुरंत रोक लगाने की मांग की।
समझौते के उल्लंघन पर चेतावनी
संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा कि यदि फैक्ट्री स्थल पर चल रही गतिविधियों को तुरंत नहीं रोका गया, तो भविष्य में होने वाली किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं, लेकिन यदि उनकी आवाज को अनसुना किया गया तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

31 जुलाई को हनुमानगढ़ जंक्शन में बड़ा कार्यक्रम
संघर्ष समिति ने अपनी आगामी रणनीति का भी खुलासा किया। समिति के प्रतिनिधियों ने घोषणा की कि 31 जुलाई को शहीद ऊधम सिंह के शहीदी दिवस के अवसर पर हनुमानगढ़ जंक्शन में एक विशाल कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में जिले भर से किसान, युवा और सामाजिक संगठनों के लोग बड़ी संख्या में जुटेंगे और सरकार के खिलाफ अपने आंदोलन को और मजबूत करेंगे।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
इस विरोध प्रदर्शन में संघर्ष समिति के सदस्य रवि जोसन, महंगा सिंह, बलजिंद्र सिंह बराड़, नितिन ढाका, मदन दूगेसर, रवि रिणवां, प्यारा सिंह, जगजीत सिंह जग्गी, सुखजीत सिंह चट्ठा, जस्सु सिंह, मोहर सिंह रमाना, बलदेव सिंह मसानी, अंगद ढाका, रानी बेनीवाल, सुनीता बेनीवाल, अमनदीप कौर, सुधीर सहारण और कर्णवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं और युवा मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने एक स्वर में कहा कि वे अपने क्षेत्र की जल, जमीन और हवा को बचाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह आंदोलन थमने वाला नहीं है।
