हनुमानगढ़। शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान दिवस पर सोमवार को सीटू की ओर से जंक्शन स्थित शहीद भगत सिंह चौक पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान बहादुर सिंह चौहान, शेर सिंह शाक्य सहित अन्य लोगों ने शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। सभा में वक्ताओं ने तीनों महान क्रांतिकारियों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि 23 मार्च का दिन भारतीय इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। इन वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति देकर देशवासियों को स्वतंत्रता संग्राम के लिए प्रेरित किया। उनके विचार और आदर्श आज भी युवाओं को राष्ट्रभक्ति की राह दिखाते हैं। बहादुर सिंह चौहान ने कहा कि शहीद भगत सिंह ने साम्राज्यवाद और साम्प्रदायिक शक्तियों के खिलाफ संघर्ष किया। उनकी शहादत को करीब एक सदी बीत जाने के बाद भी उनके उठाए गए सवाल आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विश्व स्तर पर साम्राज्यवादी ताकतें हावी हैं और हालात चिंताजनक बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि भगत सिंह का मानना था कि जब तक समाज में शोषण रहेगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। आज भी व्यवस्था में असमानता और शोषण की स्थितियां मौजूद हैं। ऐसे में केवल श्रद्धांजलि देने से नहीं, बल्कि उनके विचारों को समझकर जीवन में अपनाने की आवश्यकता है। वक्ताओं ने कहा कि आज समाज में बढ़ती साम्प्रदायिकता चिंता का विषय है और ऐसे समय में भगत सिंह की विचारधारा और अधिक प्रासंगिक हो जाती है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे उनके आदर्शों को आत्मसात करें और एक समतामूलक समाज के निर्माण में योगदान दें। सभा के अंत में मौजूद सीटू कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के सपनों का भारत बनाने के लिए सदैव संघर्षरत रहेंगे।
