हनुमानगढ़। स्टूडेंट्स फैडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) का 22वां तहसील सम्मेलन सोमवार को टाउन स्थित फूडग्रेन धर्मशाला में आयोजित हुआ। सम्मेलन में शिक्षा, रोजगार, छात्रवृत्ति, छात्र सुरक्षा और शैक्षणिक व्यवस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए आगामी आंदोलन की रणनीति तय की गई। साथ ही संगठन की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। सम्मेलन के दौरान 17 सदस्यीय नई कार्यकारिणी का गठन किया गया तथा 7 सदस्यीय सचिव मंडल का चुनाव संपन्न हुआ। इस दौरान मदीना को तहसील अध्यक्ष चुना गया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए एसएफआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रोहताश ने कहा कि वर्तमान समय में सरकारें विद्यार्थियों के अधिकारों, रोजगार और शिक्षा व्यवस्था पर हमला कर रही हैं। लगातार पेपर लीक की घटनाएं, विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति नहीं मिलना और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के नाम पर सेमेस्टर प्रणाली लागू कर शैक्षणिक ढांचे को प्रभावित करने जैसे मुद्दे विद्यार्थियों के सामने बड़ी चुनौती बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में इन सभी विषयों को लेकर प्रस्ताव पारित किए गए हैं तथा आने वाले समय में विद्यार्थियों की आवाज को मजबूती से उठाने और सरकार से जवाब मांगने के लिए आंदोलन को तेज किया जाएगा। इस दौरान पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष महेन्द्र शर्मा ने कहा कि एसएफआई से बड़ी संख्या में छात्राएं जुड़ रही हैं और उनकी प्रमुख मांग सुरक्षित व बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि बस अड्डों सहित सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस गश्त बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि छात्राओं और बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा उन्होंने राजकीय महाविद्यालयों में रिक्त पदों को भरने, कॉलेजों में स्थायी भर्तियां निकालने और शैक्षणिक संसाधनों को मजबूत करने की मांग भी उठाई। महेन्द्र शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं हुई तो संगठन सालभर चरणबद्ध संघर्ष और आंदोलन चलाने को मजबूर होगा। सम्मेलन में विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा, रोजगार के अवसर बढ़ाने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प भी लिया गया।
