-महिला सम्मान दिवस: शिक्षा और जागरूकता से सामाजिक कुरीतियों को मिटाने का आह्वान
हनुमानगढ़। संविधान सेना–राजस्थान की ओर से शुक्रवार को “नव महिला सम्मान दिवस” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के बीच फैले पाखंड, आडंबर और सामाजिक कुरीतियों के प्रति समाज को जागरूक करना तथा एक शिक्षित, समानतापूर्ण और जागरूक समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना रहा।कार्यक्रम में समाज में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं का सम्मान कर उनके योगदान को सराहा गया। इस दौरान प्रथम सम्मान व्याख्याता वीरपाल कौर को प्रदान किया गया। वीरपाल कौर ने अपनी मेहनत, लगन और निरंतर प्रयासों के बल पर प्रथम श्रेणी शिक्षिका का पद प्राप्त कर समाज में एक विशिष्ट पहचान बनाई है। उनकी उपलब्धि को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए संगठन के सदस्यों ने उन्हें सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि समाज में व्याप्त अंधविश्वास, पाखंड और कुरीतियों को समाप्त करने के लिए जागरूकता और शिक्षा बेहद जरूरी है। महिलाओं को शिक्षा और समान अवसर मिलने से समाज की प्रगति संभव है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं, इसलिए समाज का कर्तव्य है कि उन्हें सम्मान और प्रोत्साहन दिया जाए। संविधान सेना के पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन का उद्देश्य समाज में शिक्षा, समानता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता फैलाना है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि नई पीढ़ी एक जागरूक और प्रगतिशील वातावरण में आगे बढ़ सके। इस अवसर पर राजेश भारतीय, नरेश बागड़ी, पाल सिंह रामपुरिया, अंशुमान बामनिया, संदीप मेघवाल, फिरोज खान, मनमीत कौर, गोगी, ललिता, करणवीर सिंह और नरेश कड़वासरा सहित संगठन के कई सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने समाज में शिक्षा, समानता और जागरूकता को बढ़ावा देने का संकल्प लिया तथा महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
