हनुमानगढ़। शहर में बीपीसीएल कंपनी की ओर से बिछाई जा रही सीएनजी गैस पाइप लाइन का कार्य बरसात के मौसम में आमजन के लिए परेशानी और हादसों का कारण बनता जा रहा है। पाइप लाइन डालने के बाद सड़कों और उनके किनारों पर खोदे गए गड्ढों को सही तरीके से नहीं भरे जाने के कारण बारिश में मिट्टी बह गई है। नतीजतन कई स्थानों पर दोबारा गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बरसाती पानी भर जाने से उनका अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा है। इससे राहगीर और वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। शहरवासी कपिल अग्रवाल ने बताया कि जंक्शन में तिलक सर्किल, हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र सहित शहर के कई हिस्सों में पाइप लाइन बिछाने के बाद गड्ढों को खुला छोड़ दिया गया है। बारिश के दौरान इनमें पानी भर जाने से वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को गड्ढों का पता नहीं चलता, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यस्थलों पर सुरक्षा के लिए सूचना पट्ट या चेतावनी संकेत तक नहीं लगाए गए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि पाइप लाइन बिछाने के दौरान कई जगह पेयजल पाइप लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं, जिससे शहर की जलापूर्ति प्रभावित हो रही है। वहीं दूसरी ओर नालियां कचरे से अटी पड़ी हैं, जिससे बरसाती पानी की निकासी बाधित हो रही है। कपिल अग्रवाल ने शहर के छोटे अंडरपासों की स्थिति पर भी चिंता जताई। उनके अनुसार लगभग सभी अंडरपास बरसाती पानी से लबालब भरे हुए हैं और वहां पानी निकासी की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों और समुचित योजना के अभाव में शहर की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले सीवरेज लाइन बिछाने के दौरान शहर की अधिकांश सड़कें क्षतिग्रस्त हुई थीं और अब सीएनजी पाइप लाइन का कार्य लोगों की परेशानी को और बढ़ा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि बीपीसीएल कंपनी को निर्देशित किया जाए कि पाइप लाइन बिछाने के बाद सभी गड्ढों को मानकों के अनुरूप तत्काल भरकर सड़क को सुरक्षित बनाया जाए, ताकि बरसात के मौसम में होने वाले हादसों पर रोक लगाई जा सके।
