– पराली का धुआं, तेज धूप और खेतों में उगी कांग्रेस घास से बढ़ रही एलर्जी की समस्या, चिकित्सक की सलाह के बिना क्रीम लगाने से बचें : डॉ. राजीव गोयल
हनुमानगढ़। क्षेत्र में इन दिनों त्वचा संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। पराली जलाने से वातावरण में फैल रहे कार्बन कणों, धूल-मिट्टी, तेज धूप और खेतों में काम करने के दौरान एलर्जी की शिकायतें बढ़ रही हैं। इसके साथ ही बिना चिकित्सकीय सलाह के स्टेरॉयडयुक्त क्रीम का इस्तेमाल त्वचा रोगों को और गंभीर बना रहा है। यह बात हनुमानगढ़ जंक्शन के त्वचा एलर्जी रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव गोयल ने कही। उन्होंने बताया कि पराली जलने से निकलने वाले कार्बन कणों के कारण लोगों को एलर्जी, खांसी-जुकाम और त्वचा संबंधी परेशानियां हो रही हैं। क्षेत्र में फंगस संक्रमण भी काफी आम है। अक्सर लोग खुजली या फंगस होने पर मेडिकल स्टोर से कोई भी क्रीम खरीदकर लगाना शुरू कर देते हैं। इनमें कई बार स्टेरॉयडयुक्त क्रीम होती हैं, जो बीमारी को पूरी तरह ठीक करने के बजाय उसके लक्षणों को कुछ समय के लिए दबा देती हैं। इससे संक्रमण धीरे-धीरे फैल सकता है और पूरे शरीर को प्रभावित कर सकता है। डॉ. गोयल ने बताया कि स्टेरॉयडयुक्त क्रीम का लंबे समय तक इस्तेमाल त्वचा को पतला कर सकता है और गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।

इसलिए चेहरे या शरीर पर किसी भी प्रकार की क्रीम का इस्तेमाल चिकित्सक की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए। त्वचा पर छोटे-छोटे दाने निकलना, लाल चकत्ते बनना और खुजली होना एलर्जी के प्रमुख लक्षण हैं। उन्होंने बताया कि नरमा और ग्वार के खेतों में जाने से भी त्वचा संबंधी परेशानियां बढ़ रही हैं। इसके अलावा गाजर जैसे पत्तों वाली कांग्रेस घास क्षेत्र में काफी मात्रा में उगी हुई है। इसके संपर्क में आने से शरीर पर लाल चकत्ते और एलर्जी हो सकती है। डॉ. गोयल ने बचाव के लिए नियमित रूप से मॉइस्चराइजर लगाने की सलाह दी। मॉइस्चराइजर उपलब्ध नहीं होने पर नारियल तेल या जैतून के तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। तेज धूप से बचने के लिए सनस्क्रीन का उचित इस्तेमाल करें तथा खेतों या धूल-धुएं वाले क्षेत्रों में जाते समय मास्क लगाएं। दिवाली पर पटाखे चलाते समय सावधानी बरतें और ऐसे कपड़े पहनें, जिनसे शरीर अधिकतम ढका रहे। उन्होंने खानपान पर ध्यान देने की सलाह देते हुए कहा कि मौसम में अभी अधिक सर्दी नहीं होने के बावजूद बहुत गर्म भोजन करने से शरीर में गर्मी बढ़ सकती है। ऐसे में संतुलित और अपेक्षाकृत ठंडा भोजन करें तथा नहाने के लिए बहुत ज्यादा गर्म पानी का इस्तेमाल न करें।
